इटावा। सफारी में शेरनी नीरजा के एक शावक ने 25 वें दिन दम तोड़ दिया। सफारी प्रशासन के अनुसार, दो शावकों को शेरनी दूध नहीं पिला रही थी। ऐसे में कीपर दोनों शावकों को दूध पिला रहे थे। एक शावक ने चार दिन से दूध पीना कम कर दिया था। इस वजह से उसकी मौत हो गई है।
एक जून को शेरनी नीरजा ने तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें से दो को शेरनी ने दूध नहीं पिलाया था। इसके कारण उन्हें कीपर अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार कृत्रिम दूध पिला रहे थे। इन दो शावकों में से एक शावक 21 जून को कुछ अस्वस्थ हुआ था। इसके बाद से वह दूध कम मात्रा में पी रहा था। उसके स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार प्रतीत हो रहा था। 25 जून की सुबह तक हलचल कर रहा था, लेकिन सुबह छह बजे दूध पिलाने के लिए जब कीपर पहुंचे तो शावक को मृत पाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा है।
उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि शेरनी नीरजा के अन्य दो शावक पूर्ण रूप से लगातार दूध पी रहे हैं और स्वस्थ हैं। सीसीटीवी की सहायता से शेरनी नीरजा व उसके शावकों की 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। शावकों की देखभाल करने वाली टीम में पशुपालन विभाग के डाॅ. आरके सिंह, डाॅ. रोबिन सिंह यादव, डॉ. शैलेंद्र सिंह एवं कीपर आसिफ, अजय शामिल हैं।