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Kanpur News: कारोबारी का करीबी निकला गद्दार, वीडियो काल पर बताता रहा रास्ता

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कानपुर। कर्नलगंज पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत चार युवकों को गिरफ्तार कर सैडलरी कारोबारी के फ्लैट में हुई 10 लाख रुपये की चोरी का राजफाश किया है। उनसे सोने के दो हार, झुमके और 42420 रुपये बरामद हुए हैं। वारदात में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं। मास्टरमाइंड उसी फ्लैट की पांचवीं मंजिल पर रहता है। उसने ही घटना को अंजाम देने की योजना बनाई, जबकि वह और उसका साथी चोरी के लिए वीडियो कॉल पर फ्लैट में सुरक्षित तरीके से घुसने और कहां कहां जेवरात हो सकते हैं, इसकी जानकारी देता रहा। शहर में पहली बार इस तरह से तकनीक का इस्तेमाल कर सेंधमारी हुई है। पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए कर्नलगंज, ग्वालटोली क्षेत्र में 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
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साइकिल मार्केट स्थित व्यापार मंडल काम्पलैक्स की चौथी मंजिल पर सैडलरी कारोबारी मुन्ने नवाब परिवार के साथ रहते हैं। 24 अप्रैल की शाम चार बजे वह अपने कारखाने में थे, जबकि परिवार की महिलाएं व बच्चे खरीदारी करने मार्केट गए। इस बीच चोरों ने उनके घर से दो लाख की नकदी और करीब आठ लाख के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर ऑपरेशन त्रिनेत्र और ऑपरेशन घर-घर के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक स्कूटी पर दो संदिग्ध जाते हुए नजर आए। कर्नलगंज इंस्पेक्टर रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूटी के नंबर के आधार पर ग्वालटोली क्षेत्र में छापेमारी की गई, जिसके आधार पर कर्नलगंज के फहद, ग्वालटोली के हमजा, बेकनगंज के शोएब और बजरिया के बशीर अहमद को गिरफ्तार किया। घटना में शामिल ग्वालटोली का अजहर और चमनगंज का इस्माइल फरार हैं।

इंस्पेक्टर रवींद्र श्रीवास्तव के मुताबिक फहद के यहां इस्माइल का आना जाना था, जबकि चोरी अजहर और हमजा ने मिलकर की है। इस्माइल व फहद ने अजहर को वीडियो कॉल करके कारोबारी के फ्लैट तक बिना किसी के शक हुए पहुंचाया। अजहर और हमजा आसानी से फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। यहां से वारदात करने के बाद दोनों स्कूटी से बाहर निकल आए। फहद ने कारोबारी के फ्लैट की महिलाओं के जाने की सूचना साथियों को दी थी। इस बीच इस्माइल वीडियो काल करके महिलाओं की लोकेशन गिरोह को बताता रहा। इसकी जानकारी पुलिस को कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई है।
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पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक अधिकतर चोरियों में चोर किसी भी तरह के गैजेट्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं, लेकिन इसमें वीडियो कॉल का उपयोग हुआ है। मोहल्ले वालों को किसी तरह का कोई शक न जाए, इसके लिए शाम चार बजे घटना को अंजाम दिया गया है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए कैमरों में स्कूटी नजर आई थी, जिसके आधार पर केस खुल सका। सभी आरोपी 19 से 24 साल के बीच है। जेवरात बशीर अहमद को बेचे गए थे।
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