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Kanpur: महिला को सांड ने पटका, आठ माह पहले पति पर किया था हमला, अब तक केवल एक मवेशी को भेजा है आश्रय स्थल

Tue, 13 Aug 2024 01:34 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: शहर में बीते 20 माह में सांडों ने दो दर्जन से ज्यादा लोगों पर हमला किया है, जबकि चार की मौत हो गई थी। अभी तक केवल एक साड़ को पकड़कर पनकी गोवंश आश्रय स्थल भेजा गया है।
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सांकेतिकआपस में भिडे़ दो आवारा सांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के बिधनू क्षेत्र में सांडों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार शाम बिधनू कस्बे में पैदल बाजार जा रही महिला को सांड ने पटक दिया। घायल महिला का हैलट में इलाज जारी है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

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बिधनू कस्बा निवासी मेडिकल स्टोर संचालक राधेश्याम गुप्ता की पत्नी रंजना (55) रविवार शाम पैदल बाजार जा रही थी। बड़ोदरा ग्रामीण बैंक के पास पीछे से आये सांड ने उन्हें उठाकर हाईवे पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। भीड़ ने डंडा लेकर सांड को खदेड़ा और उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया जहां से उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया।
पिछले साल पति को भी पटका था सांड
बीते दिसंबर 2023 में राधेश्याम को भी सांड ने पटक दिया था, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले 20 माह में सांड चार लोगों की जान ले चुके हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

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पहले भी सांड के हमले के लोग हो चुके हैं शिकार
बिधनू निवासी होटल संचालक भरतलाल गुप्ता को सांड ने पटक दिया था, जिससे उनकी भी मौत हो गई थी। इसी तरह जनवरी 2023 में हरबसपुर गांव निवासी रामकली की सांड के पटकने से मौत हो गई थी। जून 2023 में बकौली गांव निवासी किसान रामकुमार की सांड के हमले में घायल होने के बाद मौत हो गई थी।

पटककर बुरी तरह कर दिया था घायल
इसी तरह 21 मार्च को घाटूखेड़ा गांव में काम की तलाश में जा रहे तेजीपुरवा निवासी मजदूर हरीलाल पासवान की सांड ने सींघ से पेट फाड़कर जान ले ली थी। सांड ने गांव में एक गोवंश और भैंस को पटककर मार डाला था। बीते मई माह में सांड ने होमगार्ड अवधेश पांडेय व पीआरवी सिपाही जितेंद्र सिंह को पटककर घायल कर दिया था।
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छुट्टा मवेशी यातायात व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। सड़कों पर उनके झुंड दौड़ रहे हैं। जल्द ही छुट्टा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जाएगा। मवेशी सड़क पर नहीं दिखेंगे।  -आरके निरंजन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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