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Kanpur News: ब्लूचिप के नाम से कनाडा में बना था बैंक, क्रिस गेल ने किया था प्रमोशन

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कानपुर। कई देशों के 700 लोगों से 1500 करोड़ की ठगी के आरोपी ब्लूचिप के नाम पर बैंक बनाने जा रहे थे जिसका पंजीयन कनाडा में हो भी गया था। बैंक का प्रमोशन वेस्टइंडीज टीम के पूर्व खिलाड़ी क्रिस गेल के हाथों हुआ। आरोपियों ने निवेशकों को रिझाने के लिए ब्लूचिप सिक्योर्ड और ब्लूचिप टोकन भी लांच कर दिया था। हालांकि, लोगों ने रकम को लेकर हंगामा कर दिया जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। यह जानकारी एसआईटी को पीड़ितों व कंपनी के पूर्व के कई स्टाफ से पता चली है। इस संबंध में अधिक जानकारी जुटाने के लिए दुबई के अधिकारियों से भी सहयोग लिया जा सकता है।
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कोतवाली पुलिस ने 42.29 लाख की ठगी में दिल्ली के मालवीयनगर के रविंद्रनाथ सोनी को गिरफ्तार कर दुबई, शारजाह, मलेशिया, जापान समेत कई देशों के लोगों को ठगने का राजफाश किया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद से अधिकारियों के पास लगातार शिकायतें आ रही हैं। अब तक 15 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं जिसकी जांच चल रही है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बेहतर जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया। एसआईटी की ओर से रिपोर्ट तैयार हो रही है जिसे ईडी, सीबीआई समेत अन्य एजेंसियों को दी जा सकती है।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि रविंद्रनाथ सोनी के साथ सूरज जुमानी, गुरमीत कौर, दिव्या समेत अन्य लोगों का नाम सामने आया है। सभी रविंद्रनाथ सोनी को ही रिपोर्ट करते थे। अब तक हुई जांच में पता चला है कि 2022-23 में ब्लूचिप कंपनी के नाम से कई और कंपनियां खोली गई थीं। यह कंपनियां निवेशकों को रिझाने और उनको किसी भी तरह से हंगामे से रोकने के लिए की गई। सबसे पहले ब्लूचिप सिक्योर्ड की लांचिंग हुई। इसमें निवेशकों को बताया गया कि उनको रिटर्न इसी के माध्यम से मिलेगा जबकि ब्लूचिप कंपनी के फायदे की रकम अपनी-अपनी जेब में रखवा ली। कंपनी के कर्मचारियों की नजरों में बने रहने के लिए उनको भी वेतन दिया जाता रहा। उनको कंपनी के विस्तार का आश्वासन दिया गया।
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काफी संख्या में ब्लूचिप सिक्योर्ड में लोगों ने रकम लगाई। इसके कुछ समय बात ब्लूचिप टोकन लांच किया। इसके माध्यम से लोगों को कहा गया कि कंपनी रियल स्टेट के क्षेत्र में कार्य कर रही है। लोगों को इसके माध्यम से जमीन और प्लाॅट मिल सकेंगे। ब्लूचिप टोकन में भी काफी लोगों ने निवेश किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने रिलेशनशिप मैनेजर और थर्ड पार्टी मैनेजर बनाए थे जिनके जरिये रकम इधर से उधर की गई। इसकी जांच चल रही है।
एडीसीपी क्राइम के मुताबिक ब्लूचिप से जुड़े लोगों ने 2023-24 में डिजिटल करेंसी लांच की थी। इसमें लोगों को बताया गया कि इसी के माध्यम से उनके रुपये वापस किए जाएंगे। उनको ब्याज दिया जाएगा। हालांकि, 2024 में लोगों ने हंगामा कर दिया जिसकी वजह से ग्रुप के अधिकारी भूमिगत हो गए। आरोपी एक कंपनी के अंदर दूसरी कंपनी बनाते चले गए। यह पता नहीं है कि सूरज जुमानी निदेशक है या फिर मालिक। इसका पता लगाया जा रहा है।
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