कानपुर। शुक्रवार को शहर के एक चौथाई हिस्से की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। करीब दस लोग बिजली-पानी को तरस गए। नौबस्ता के 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन में फाल्ट ने पूरी साउथ सिटी में कोहराम मचा दिया। तड़के 4 बजे ग्रिड से जुड़े 25 सब स्टेशन ठप हो गए। रात 8 बजे के बाद बिजली व्यवस्था पटरी पर लौटी।
शुक्रवार रात 3.40 बजे 220 केवी नौबस्ता ग्रिड सब स्टेशन की सीटी फट गई। इससे तेल निकलने के कारण आग लग गई। इससे कई केबिल फुंक गईं। यह फाल्ट होते ही ग्रिड स्टेशन से जुड़े नौबस्ता, पशुपति नगर, कोयला नगर, देहली सुजानपुर, बर्रा विश्व बैंक, किदवई नगर, गोविंद नगर, कृष्णा नगर, हैरिसगंज, सुजातगंज, एच ब्लाक किदवई नगर, शनिदेव मंदिर किदवई नगर, मेहरबान सिंह का पुरवा, जूही हार्समैन बाग, विद्युत कालोनी गोविंद नगर, दबौली, गुजैनी, तात्या टोपेनगर समेत 25 सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। सुबह पानी की समस्या रही। न तो सप्लाई वाला पानी मिल पाया और न ही बिजली के कारण सबमर्सिबल पंप और मोटरें चल पाईं। पानी के लिए जबरदस्त मारामारी मच गई। लोगों ने सब स्टेशनों में फोन मिलाना शुरू ज्यादातर समय बिजी बताते रहे। कुछ लोग सब स्टेशन पहुंचे तो उन्हें फाल्ट बताकर जल्द आपूर्ति ठीक होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया। बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने के बाद केस्को ने 11.15 बजे 40 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर चालू कर दिया। पनकी 220 केवी से मेहरबान सिंह का पुरवा की लाइट चालू की गई। इससे कुछ इलाकों में बिजली आ गई। शाम 5 बजे 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर चालू हो पाया। इससे आधा क्षेत्र का बिजली संकट काबू में आ पाया। रात 8 बजे के बाद 220 केवी ग्रिड सब स्टेशन का फाल्ट सुधर सका। तब जाकर करीब 18 घंटे की जद्दोजहद के बाद साउथ सिटी के लोगों को राहत मिल पाई।
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नगर निगम का जनरेटर दे गया जवाब
दोपहर में बिजली कटौती पर नगर निगम का जनरेटर चलाया गया। कुछ देर चलने के बाद जनरेटर फुंक गया। इस कारण ज्यादातर कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर भटकते रहे। फरियादियों को बिना काम के लौटना पड़ा।