कानपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार न होने की वजह खुद सरकारी अमला है। जिला आपूर्ति कार्यालय के कई ऐसे बाबू हैं, जो भ्रष्टाचार फैलाने में अहम वजह बने हैं। कई कोटेदार सरकारी राशन की कालाबाजारी करने के लिए मजबूर हैं। वजह है कि उनको हर महीने ऑफिस में ‘पैकेज’ पहुंचाने के लिए मजबूर किया जाता है। इस उत्पीड़न से तंग आकर अब उपभोक्ताओं ने यूनियन बनाई है।
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली विक्रेता कल्याण परिषद के बैनर से अब कोटेदारों को लामबंद कर उगाही करने वाले डीएसओ के कर्मचारियों और बाबुओं के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अब सालों से एक कुर्सी पर जमे बाबुओं को स्थानांतरित करने और पिछली सपा सरकार में गठित हेमंत राव कमेटी की सिफारिशों को अमल में लाने की मांग खाद्य एवं रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह से की जाएगी।
रिश्वत से तंग आकर बंद की दुकान
कानपुर। कृष्णा नगर की अनीता सिंह की राशन दुकान पिछले तीन महीने से बंद है। इसकी वजह उन्होंने विभागीय कर्मचारियों द्वारा बार-बार रिश्वत मांगकर उत्पीड़न करना बताया है। इसकी शिकायत भी जिलाधिकारी से कर दी गई है और अब मुख्यमंत्री व खाद्य एवं रसद मंत्री से भी शिकायत की जाएगी। कोटेदार के मुताबिक इसी वर्ष 28 जनवरी को कृष्णा नगर के एआरओ ने दुकान की जांच की थी। इसके बाद कृष्णा नगर ऑफिस के बाबू ने फोन पर उनसे रुपये की मांग की और स्टॉक व बिक्री रजिस्टर एडीएम आपूर्ति के स्टेनो से संपर्क करने को कहा। उसके मुताबिक एआरओ ने आदेश नहीं दिया था। इसके बावजूद कृष्णा नगर के लिपिक ने उनसे रुपयों की मांग की। उसने दावा किया है कि उसके मोबाइल नंबर से कॉल डिटेल निकालकर जांच कराई जा सकती है।
‘इस मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि कोटेदार अनीता सिंह को नोटिस देकर दुकान चलाने के निर्देश दिये गये हैं। अगर कोटेदार दुकान चलाने की इच्छुक नहीं है तो दूसरे को दुकान आवंटित की जा सकती है।’
ब्रजेंद्र यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन सत्यापन की औपचारिकता हो रही
-छापे में कोटेदारों और एआरओ की मनमानी मिली
-आखिरी दिन भी नहीं उठाया गया राशन
कानपुर। अफसरों और बाबुओं की मिलीभगत के कारण राशन कोटेदारों की मनमानी खत्म नहीं हो रही है। अफसर दिखावे के लिए छापे मारते हैं और बाबू पहले से सूचना लीक करके या लिखा-पढ़ी में खेल करके मामला टांय-टांय फिस्स कर देते हैं। सोमवार को एडीएम आपूर्ति के छापों में कोटेदारों और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों (एआरओ) की मनमानी का खुलासा हुआ है। दो दुकानों पर राशन सत्यापन की औपचारिकता मिली। सत्यापन करने वाले कर्मचारियों का हस्ताक्षर तक स्पष्ट नहीं थे। हाट शाखा के गोदाम में राशन उठान का सत्यापन करने पहुंचे एडीएम ने रिकार्ड खंगाले तो पता चला कि एक कोटेदार ने आखिरी दिन भी राशन नहीं उठाया है। एडीएम ने कहा है कि सभी को नोटिसें भेजकर जवाब मांगा जा रहा है।
एडीएम आपूर्ति डा. रमाशंकर मौर्य ने कैंट स्थित प्रेमशंकर साहू की दुकान पर छापा मारा। उन्होंने गोदाम से उठाए गए राशन का सत्यापन किया। राशन सामग्री पूरी पाई गई। सत्यापन करने वाले क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के हस्ताक्षर तक स्पष्ठ नहीं थे। हस्ताक्षर के नीचे नाम और मुहर भी नहीं लगी थी। यही हाल रेलबाजार मीरपुर उपभोक्ता सहकारी लिमिटेड की राशन दुकान पर मिला। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए सत्यापन के समय क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों से स्पष्ठ हस्ताक्ष, नाम और पद लिखने को कहा है। सोमवार को दोपहर में एडीएम आपूर्ति हाट शाखा के सनिगवां स्थित गोदाम पर पहुंचे। राशन उठान की पड़ताल करने पर खुलासा हुआ कि कृष्णा नगर के संजय कुमार गौतम ने अभी तक उठान ही नहीं किया है। राशन सामग्री का उठान हर माह की 23 से 30 तारीख के बीच में होता है। एडीएम ने कोटेदार को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण लेने का आदेश दिया है।
घरेलू सिलेंडर से बन रहा था मयखाने का चखना
दो स्थानों पर छापे में चार सिलेंडर बरामद
कानपुर। जिला पूर्ति दफ्तर की टीम ने दो स्थानों पर छापे मारकर घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक प्रयोग पकड़ा। मौके से चार सिलेंडर भी बरामद किए हैं। एक माडल शॉप में घरेलू सिलेंडर से काम हो रहा था। दूसरे स्थान पर वेल्डिंग मशीन के साथ कटर के लिए घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा था। टीम एक बार फिर रंगे हाथ किसी को भी नहीं पकड़ सकी।
सोमवार को प्रभारी क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एसपी जायसवाल और इंसपेक्टर अमरेंद्र त्रिवेदी ने माल रोड स्थित माडल शाप की कैंटीन में छापा मारा। कैंटीन का संचालन अधिवक्ता राजेश गुप्ता करते हैं। मौके से दो घरेलू गैस के सिलेंडर बरामद हुए। टीम ने राजेश गुप्ता और अरविंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की है। इसके बाद टीम ने कालपी रोड स्थित जय बजरंग मार्केट में आर्गेनिक सप्लायर के यहां छापा मारा। यहां पर वेल्डिंग के काम में घरेलू सिलेंडर का उपयोग होता पाया गया। मौके से दो सिलेंडर बरामद हुए। दुकानदार नीबू लाल मौके से भाग गया। टीम ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की है।
उपाध्यक्ष की डायरी में भ्रष्ट बाबुओं का रिकार्ड
-सोमवार को केडीए के चार बाबू के नाम दर्ज किए
-रिश्वतखोरी की शिकायत पर एक को चेतावनी दी
स्टाफ रिपोर्टर
कानपुर। केडीए के भ्रष्ट बाबुओं का रिकार्ड अब उपाध्यक्ष राम मोहन यादव खुद बना रहे हैं। वह फरियादियों की शिकायतों के आधार पर भ्रष्टाचार के आरोपी एक-एक बाबू का नाम अपनी डायरी में नोट कर रहे हैं। उन्होंने तय किया है जिनकी शिकायतें आ रही हैं, उनके नाम कार्मिक द्वारा तैयार की गई बाबुओं की सूची से मिलाने के बाद तबादलों की रूपरेखा बनेगी। सोमवार को उपाध्यक्ष ने चार बाबू के नाम अपनी डायरी में दर्ज किए और रजिस्ट्री कैंप में आए एक आवंटी से छह हजार रिश्वत रुपए मांग रहे एक बाबू को अपने कक्ष में बुलाकर चेतावनी दी।
बाबूराज पर उपाध्यक्ष की निगाह टेढ़ी हो गई है। शनिवार को उन्होंने केडीए के सभी बाबुओं का रिकार्ड मंगाया था। केडीए सूत्रों के मुताबिक विक्रय, प्रवर्तन, अभियंत्रण, भवन, संपत्ति, कार्मिक, संदर्भ सहित अन्य विभागों में 173 बाबू तैनात हैं। इसमें से अधिकांश बरसों से मलाईदार कुर्सियों पर कब्जा करके बैठे हैं। कई बाबू भ्रष्टाचार के आरोपी हैं। शनिवार को ही बाबुओं की सूची उपाध्यक्ष को उपलब्ध करा दी गई थी लेकिन उन्होंने सूची से इतर अपने स्तर पर भ्रष्ट बाबुओं का रिकार्ड बनाना शुरू कर दिया है। सोमवार को अपनी शिकायत लेकर आए फरियादियों ने उपाध्यक्ष के सामने बाबुओं की कारगुजारियां खोलकर रखीं तो उन्होंने चार बाबू का नाम चिह्नित कर अपनी डायरी में दर्ज कर लिया। रजिस्ट्री कराने आए एक आवंटी ने बाबू पर छह हजार रुपए न देने पर फाइल अटकाने का आरोप लगाया। उपाध्यक्ष ने बाबू को अपने कक्ष में बुलाया तो उसने रिश्वत मांगने से इंकार कर दिया। हालांकि, शिकायतकर्ता ने मोबाइल फोन पर बातचीत रिकार्ड कर ली थी। उपाध्यक्ष ने बाबू को चेतावनी दी है। कार्मिक विभाग की सूची से डायरी में दर्ज बाबू के नाम मिलाने के बाद तबादलों को हरी झंडी मिलने की संभावना है।