कानपुर। अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर हेंडीकैप्ड के बीटेक छात्र सचिन प्रजापति की मौत डूबने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हो गई है। सचिन सात जनवरी से लापता था। उसका शव मंगलवार को कल्यानपुर की बगिया क्रासिंग नाले में मिला था। परिजनों ने उर्सला के फार्मासिस्ट की बेटी से प्रेम संबंधों के चलते उसकी हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी है। फार्मासिस्ट को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बुलंदशहर के ओनीडाह निवासी कपड़ों की फेरी लगाने वाले श्रीप्रकाश का एकलौता बेटा सचिन (20) बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह डेढ़ साल से संस्थान के प्रोफेसर आरडी अवस्थी के लखनपुर स्थित मकान में किराये पर रहता था। सात जनवरी की शाम वह रिजर्वेशन कराने की बात कहकर घर से निकला और लौटकर नहीं आया। मंगलवार को शव मिलने के बाद कल्यानपुर थाना प्रभारी एसपी तिवारी ने जांच की तो उर्सला के फार्मासिस्ट सूर्य प्रसाद सचान की बेटी शताक्षी से प्रेम संबंध की बात सामने आई। पूछताछ में छात्रा ने सात जनवरी को सचिन से मिलने और आधा घंटे बाद घर लौट आने की जानकारी दी। इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता। एसओ ने कहा मौत डूबने से हुई है, लेकिन सचिन के परिजनों ने सूर्य प्रसाद और परिजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। सूर्य प्रसाद को हिरासत में ले लिया गया है।
छात्रा ने सचिन के भाई को किया था एसएमएस
छात्रा ने 13 जनवरी को सचिन के ताऊ धर्मवीर सिंह के बेटे डॉ. मनोज को एमएसएम किया था। बकौल धर्मवीर, एसएमएस में उसने पिता से मिलने पर परेशानी का हल निकलने की बात कही थी। साथ ही कहा था, ‘मेरे और सचिन के बारे में में पिता को न बताएं।’ धर्मवीर ने बताया वह सूर्य प्रसाद से मिले, लेकिन उन्होंने सचिन के बारे में जानकारी इंकार किया। उनका आरोप है छात्रा के परिजनों ने सचिन की हत्या की है।
सूर्य प्रसाद ने सचिन को मकान से हटवाया था
सचिन पहले कल्यानपुर बगिया इलाके में अमर सिंह के मकान में किरायेदार था। इसी दौरान उसका शताक्षी से प्रेम संबंध हो गया। शताक्षी के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने सचिन को मकान से निकलवा दिया था।