कानपुर। गंगा बैराज पर बुधवार को मछुआरों ने अपनी बहादुरी से तीन लोगों की जान बचाई। इस कार्य से उन्होंने साबित कर दिया कि एसीएम 5 शैलेंद्र कुमार मिश्र ने उनकी सही परख की है। कोहना थाने से इन लोगों के 15-16 लोगों की जान बचाने की रिपोर्ट आने के बाद एसीएम ने अपर नगर आयुक्त से तीनों को निविदा पर गोताखोर के रूप में नौकरी देने की संस्तुति की थी।
ख्योरा निवासी 22 वर्षीय अमर नारायण अग्निहोत्री वीएसएसडी कालेज में स्नातक का छात्र है। बुधवार को दोपहर एक बजे वह नशे की हालत में गंगा बैराज पहुंचा और गंगा में छलांग लगा दी। ये देख वहां मौजूद मछुआरा कौशल गंगा में कूद गया। वह बीच धार में पहुंचा और अमर को घसीटकर किनारे ले आया। अमर के भाई ने बताया कि मां ने ठीक से पढ़ाई न करने की बात कहते हुए डपट दिया था। इससे नाराज होकर घर से चला गया था। उधर, शाम को 4 बजे गंगा बैराज पहुंचे आदर्श नगर मसवानपुर के राघव, उनके चचेरे भाई विक्की फूल विसर्जित करने के बाद गंगा में नहाने उतर गए। तेज धारा में बहते हुए दोनों डूबने लगे। ये देख मछुआरे कौशल, अनिल कुमार और देवेंद्र गंगा में कूद गए और दोनों भाइयों को बचा लिया। एसीएम का कहना है कि तीनों को पुरस्कृत किया जाएगा।