कानपुर। महिला कामगारों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सस्ता उपचार उपलब्ध कराने जा रहा है। कामगार महिलाएं शाम 4 से 6 बजे तक मात्र 5 रुपए का पर्चा बनवा कर आईएमए के डाक्टरों की सेवा ले सकती हैं। यह ऐलान मंगलवार को आईएमए अध्यक्ष डा. अलका शर्मा मर्चेंट चेंबर, सिविल लाइंस में सखी केंद्र के घरेलू कामगार महिलाओं के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में किया। इस मौके पर सखी घरेलू कामगार संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार से घरेलू कामगार एक्ट बनाने और 9 जनवरी 2013 को होने वाले इंटरनेशनल वर्कर्स डे पर छुट्टी देने की भी मांग की।
घरेलू कामगार संघ की उपाध्यक्ष विद्या शर्मा ने न्यूनतम मजदूरी पर चर्चा करते हुए बताया बुंदेलखंड क्षेत्र से संघ में 2700 महिलाएं रजिस्टर्ड हुई हैं। उधर सखी केंद्र की सचिव नीलम चतुर्वेदी और सह सचिव सुभाषिनी ने महिलाओं को उनके अधिकार बताए। मेडिकल कालेज की प्रवक्ता डा. किरन पांडेय ने महिलाओं को खान-पान की जानकारी दी। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से घरेलू कामगार महिलाओं को महिला श्रमिक का दर्जा देने, सुरक्षा देने, साप्ताहिक अवकाश तय करने, केंद्र व राज्य की सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की। इसके अलावा घरेलू कामों की तकनीकी शिक्षा जानकारी देने, बीपीएल व अन्त्योदय कार्ड आवश्यक करने, बैंक ऋण की सुविधा, शिक्षण संस्थाओं में सामूहिक छूट, सामूहिक बीमा, फंड, स्वास्थ्य व जीवन बीमा आदि सुविधाएं भी मुहैया कराने को कहा गया। काम के दौरान चोट लगने पर मालिक द्वारा हर्जाना देने, बीमारी में अवकाश का पैसा न काटने, अतिरिक्त पर अलग से वेतन और 24 घंटे काम करने वाली महिलाओं के रहने के लिए अच्छी व्यवस्था की मांग भी उठी। संघ के कार्यकारिणी गठन में 20 सदस्यों का गठन किया गया। संघ की अध्यक्ष सखी केंद्र की सह सचिव सुभाषिनी को नियुक्त किया गया। प्रभावती उपाध्यक्ष बनी हैं। कार्यक्रम में डा. सरोज राठौर, डा. आशा त्रिपाठी, राधा मणि और ऊषा यादव सहित कई लोग मौजूद थे।