कानपुर। सफल औद्योगिक बंदी के बाद अब शहर में संपूर्ण बंदी के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। इस संबंध में उद्यमियों और कारोबारियों के बीच अगले सप्ताह अहम बैठक होगी। इसमें बंदी से संबंधित रणनीति तैयार की जाएगी। उधर विरोध के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा घेरने और मंत्री-विधायकों को ज्ञापन देने की तैयारी है। वहीं खबर है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है, यदि इन कार्यक्रमों के पूर्व कुछ घोषणा होती है तो कार्यक्रम टाले जा सकते हैं।
वाणिज्यिक बिजली दरों में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी को लेकर पूरे प्रदेश में उद्यमी आक्रोशित हैं। गुरुवार की बंदी बेहद सफल करार दिए जाने के बाद उद्यमी उत्साहित हैं। कोऑपरेटिव इस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर ने बताया कि 27 नवंबर को शहर के सभी व्यापारी नेताओं के साथ एक बैठक बुलाई गई है। इसमें उनसे सहयोग देने की अपील की जाएगी। प्रयास किए जाएंगे कि उनके सहयोग से कानपुर में संपूर्ण बंदी की जाए, जिससे सरकार बेचैन हो। एक उद्यमी ने बताया कि पूर्व में सराफा व्यवसाय को एक्साइज ड्यूटी के दायरे में लाया गया था। इसे लेकर आयोजित बंदी में व्यापार मंडलों ने अग्रणी भूमिका निभाई थी। बाद में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी वापस ले ली थी। इसी रणनीति पर काम किया जा रहा है। उधर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन खन्ना के मुताबिक अगले चरण में शहर के विधायकों और मंत्रियों से मुलाकात करके उन्हें बिजली मूल्य वृद्धि से कानपुर शहर के औद्योगिक स्वरूप के तबाह होने की बात समझाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद विधानसभा को घेरने व विरोध प्रदर्शन करने के कार्यक्रमों की पूरी श्रंखला आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को मूल्य वृद्धि वापस लेनी ही होगी। इसके अलावा समझौते का कोई रास्ता नहीं है।