कानपुर। बेहमई कांड में केस डायरी पेश न करने पर कोर्ट ने एसपी कानपुर देहात और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गवाह दारोगा और डाक्टर का सही पता जानने के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है। अब मामले की सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।
14 फरवरी 1981 को सामूहिक रूप से 22 लोगों की हत्या कर दी गई थी। यह मामला एडीजे 7 रमाबाई नगर एमए खान की कोर्ट में चल रहा है। बुधवार को मामले की सुनवाई थी। अभियुक्त भीखा, विश्वनाथ और पोशा अदालत में हाजिर हुए। अभियुक्त राम सिंह को जेल से लाया गया। अदालत को बताया गया कि गवाह दारोगा जेपी तिवारी और डा. एपी शर्मा का सही पता न होने से समन तामील नहीं हो पाया है। दारोगा छोटेलाल की हाजिरी माफी है। केस डायरी न पेश किए जाने पर पुलिस अधीक्षक और जिला शासकीय अधिवक्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न यह मामला हाईकोर्ट को संदर्भित कर दिया जाए। डीएम कानपुर देहात को केस डायरी पेश कराने के लिए पत्र लिखा गया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा है कि मान सिंह पुत्र पुसे उर्फ पुस्सू यादव को तलब किया जाए।