कानपुर। सपा विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ चल रहे मुकदमे की वापसी को पुलिस ने हरी झंडी दे दी है। अभियोजन दफ्तर से औपचारिक रिपोर्ट भी लगाई गई है। प्रशासन ने दोनों रिपोर्ट शासन को भेज दी है। विधायक के खिलाफ मुकदमा तत्कालीन केस्को एमडी से विवाद पर शासन के इशारे पर अधिशाषी अभियंता तकनीकी ने दर्ज कराया था।
बसपा शासन में सपा विधायक इरफान सोलंकी, सपा नेता मो. हसन रूमी और अन्य सपाइयों के खिलाफ ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन केस्को एमडी रितू माहेश्वरी से मिलने पहुंचे विधायक और समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई कर धमकी दी। एमडी से अभद्रता कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। इस मुकदमे की वापसी के लिए शासन ने पुलिस और अभियोजन की आख्या मांगी थी। यह मामला ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित किया गया था। इंगलिश दफ्तर के सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट लगाई है कि जनहित में यह मुकदमा वापस लिया जा सकता है। अभियोजन दफ्तर ने औपचारिक रिपोर्ट लगाते हुए कहा है कि मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। चार्जशीट लग चुकी है। पर्याप्त साक्ष्य हैं। यह दोनों रिपोर्ट शासन को भेज दी गई हैं। डीआईजी अमिताभ यश का कहना है कि रिपोर्ट के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं। कई मामलों में शासन को रिपोर्ट जाती रहती है।
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यह मेरा व्यक्तिगत मामला नहीं था। जनता की समस्या लेकर केस्को पहुंचा था। बसपा सरकार के इशारे पर मुकदमा दर्ज कर मेरा उत्पीड़न किया गया था। जनता की समस्याएं उठाने का ही नतीजा रहा कि मुझे सेवा करने का अवसर दुबारा मिला।
इरफान सोलंकी, सपा विधायक