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अब ‘झूठ का नगाड़ा’ नहीं बजा सकेंगे कालेज

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Kanpur
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कालेजों में टीचर्स की नियुक्ति और अनुमोदन में फर्जीवाड़े पर लगाम कसनी शुरू हो गई है। ‘अमर उजाला’ में इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियम बनाया है कि अब सभी डिग्री कालेजों को अनुमोदित टीचर्स-स्टाफ की अपडेट जानकारी और उनके फोटोग्राफ वेबसाइट पर डालने हाेंगे। इसकी समयसीमा 30 दिसंबर निर्धारित की गई है। इसका अनुपालन नहीं किया गया तो संबंधित कालेज की संबद्धता निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
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‘अमर उजाला’ ने ऐसे कई मामलों का खुलासा किया था कि विश्वविद्यालय से अनुमोदित टीचर्स संबद्ध कालेजों में नहीं पढ़ा रहे हैं। उनकी जगह कम अर्हता वाले टीचर्स रखे गए हैं। इस पर कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने शुुक्रवार को सभी डिग्री कालेज के प्रबंधकों, प्रिंसिपलों को टीचर्स और स्टाफ के एजुकेशनल डाक्यूमेंट्स, उनके फोटो और अन्य सभी जरूरी जानकारी कालेज की वेबसाइट पर डालने का नोटिस जारी कर दिया है। आदेश में कुलपति ने कहा है कि सभी कालेज 30 दिसंबर तक यह ब्योरा अपनी वेबसाइट पर डाल दें। इन्हीं के आधार पर टीचर्स और स्टाफ का वेरीफिकेशन कराया जाएगा। किसी भी कालेज की लिस्ट में गड़बड़ी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और शासन के नियम-कानून के हिसाब से टीचर्स की नियुक्ति होनी चाहिए। इसका अनुपालन न करने पर कालेज की संबद्धता, मान्यता निरस्त करने का प्रावधान है। अब इस नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी डा. अखिलेश कुमार से भी बातचीत हो चुकी है। कुलपति ने ‘संबद्धता सेल’ को भी प्रभावी बनाने का आदेश देते हुए कहा है कि हर कालेज के टीचर्स की सूची सत्यापित कराकर संबद्धता माड्यूल को अपडेट किया जाए।
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