कानपुर। यूजीसी मामले और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। अपने गृह नगर केशवनगर लौटने पर मीडिया से कहा कि सामान्य और ओबीसी वर्ग के लोगों को फर्जी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम के तहत फंसाकर परेशान किया जा रहा है। ऐसे 95 प्रतिशत मुकदमे फर्जी होते हैं जिनके कारण लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं और अपनी जमीन गिरवी रखकर कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। नेताओं को सीबीआई का डर दिखाया जाता है।
अग्निहोत्री ने SC-ST एक्ट को समाप्त करने के लिए आवाज उठाने की बात कही। कहा कि यूजीसी के नियमों का उनका विरोध जारी रहेगा और यदि सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेती है तो वे लोगों के साथ मिलकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने मोदी सरकार की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से करते हुए कहा कि जिस तरह पहले देशवासियों ने ईस्ट इंडिया कंपनी को खदेड़ा था उसी तरह अब ''''वेस्ट इंडिया कंपनी'''' को गुजरात वापस भेजा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकारों को कमजोर करने के उद्देश्य से सोची-समझी साजिश के तहत यूजीसी के नए नियम लाए गए हैं।
कहा कि केंद्र सरकार कई राज्यों के मंत्रियों को परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि कई विधायकों और सांसदों को अनावश्यक रूप से सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग के नोटिस भेजकर तंग किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार के बजाय केंद्र सरकार पर अधिक नाराजगी व्यक्त की। राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें विभिन्न संगठनों का समर्थन प्राप्त है और वह बिना राजनीति में आए ही इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
अलंकार अग्निहोत्री जब अपने घर पहुंचे तो उनकी मां और भाई राजेश कुमार अग्निहोत्री ने गेट के बाहर ही उनको गले लगाया। इस दाैरान मां और भाई के आंख में आंसू थे। इस दौरान लोगों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। परिवार के लोगों उनके समर्थन में नारेबाजी भी की। साथ ही मां ने शंख भी बजाया। कुछ देर बाद मोहल्ले के केशव मधुवन वाटिका पार्क में अलंकार ने परिवार के साथ दर्शन किया और मोहल्ले के लोगों से मुलाकात की।