चौबेपुर (कानपुर)। भारी बारिश के कारण क्षेत्र की नोन नदी में उफान आने से आसपास के गांवों में परेशानी बनने लगी है। नदी का पानी आसपास के गांवों में भरने से हजारों बीघा खरीफ की फसल डूब जाने से चौपट हो गई है। ग्रामीणों की माने तो चालीस वर्षों बाद नोन नदी का यह रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। खेत-खलिहान जलमग्न होने के साथ नदी का पानी चौबेपुर - बिठूर संपर्क मार्ग के ऊपर से गुजरने के कारण पुलिस ने उक्त मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। नोन नदी में तेजी से बढ़ रहे पानी के कारण क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव टापू बन बन चुके हैं।
कस्बे से जुड़े बिठूर मार्ग पर विशुनपुर गांव के पास नदी का पानी सड़क से बहने से राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। पानी के तेज बहाव के कारण और वर्षों पुराने जर्जर पुल गिरने की आशंका को देख पुलिस ने एक किमी. के दायरे में मार्ग को दोनों ओर से बंद करा दिया है। नोन नदी में उफान से क्षेत्र के विशुनपुर गांव निवासी ब्रम्हेश्वर शुक्ला, रामबाबू अग्निहोत्री, आलमपुर गांव के सुघर सिंह, रामसिंह, राजा सिंह, भट्टाकोठी गांव के सुदर्शन, सुजानपुर के रामचंद्र, प्रेमपुर के नन्हें, गुरैया के सियाराम, सुनील मिश्रा और बदरपुर के रामाधार यादव आदि ने बताया कि चालीस साल पहले नोन नदी का पानी बढ़ गया था, तब भी क्षेत्रीय किसानों की फसल खराब हुई थी और ग्रामीणों के घर डूब गए थे। बड़ी संख्या में नदी किनारे रखे पंपिंग सेट पानी के तेज बहाव में बह गए हैं।