कानपुर। जल जीवन मिशन के तहत घरों में साफ पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई हर घर जल योजना दम तोड़ रही है। जिले में करीब 1313 करोड़ रुपये की लागत से 425 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं थी लेकिन महज 170 ही पूरी हो सकीं।
हाल यह है कि 900 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद काफी गांवों में पानी की नियमित आपूर्ति तक नहीं शुरू हो पाई है। करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकियां दो-तीन साल से शोपीस बनकर रह गई हैं। कहीं पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया तो कई जगहों पर ट्रायल के बाद लीकेज होने से आपूर्ति बंद हो गई। कुछ गांवों में बिना टंकी बनाए ही कार्य पूरा होने के बोर्ड लगा दिए गए हैं। अमर उजाला की टीम ने गांवों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। एक वर्ष से बजट जारी न होने से ठेकेदार काम छोड़कर भाग गए हैं। अधीक्षण अभियंता जल निगम एम के सिंह ने बताया कि 170 परियोजनाएं आंशिक रूप से चालू हैं। कुल 425 परियोजनाएं तैयार होनी हैं। बजट न मिलने से काम धीरे-धीरे हो रहा है।
केस : 01 बोझा गांव में टंकी तैयार, पानी गायब
शिवराजपुर ब्लाॅक के बोझा गांव में करीब ढाई लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी तीन साल पहले तैयार हो गई थी। पाइपलाइन भी बिछा दी गई, लेकिन जलापूर्ति आज तक शुरू नहीं हो सकी। ट्रायल हुआ था लेकिन कई जगह लीकेज होने के बाद आपूर्ति शुरू ही नहीं हुई। आधे से ज्यादा घरों में टोटियां तक नहीं लगीं।
केस : 03 टंकी नहीं, टोटी लगाने के नाम पर वसूली
विकासखंड सरसौल के मडिलवा गांव में टंकी का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो सीधे पाइपलाइन से सप्लाई शुरू कर दी गई। आधे गांव में टोटियां तक नहीं लगीं। जहां पानी आता है वहां भी एक घंटे में बाल्टी तक नहीं भर पाती। ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क को एक महीने में ही खोद दिया गया। टोटी लगाने के नाम पर कर्मचारियों ने 1000 रुपये तक वसूल लिए।
केस : 04 डेढ़ साल से टंकी तैयार, आपूर्ति शून्य
सरसौल ब्लाॅक के नौगवा गौतम गांव में डेढ़ साल पहले पानी की टंकी तैयार हो गई थी लेकिन गांव में पानी आज तक नहीं पहुंचा। एक साल पहले ट्रायल के दौरान मुख्य पाइपलाइन में लीकेज हुआ था जो अभी तक ठीक नहीं हो सका। मुख्य मार्ग पर जगह-जगह 5-6 फीट के गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए। आए दिन ग्रामीण इनमें गिरकर चुटहिल हो रहे हैं।
केस : 05 पानी मिला नहीं, सड़कें तोड़कर छोड़ दीं
कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में पाइपलाइन डालने के लिए सीसी सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। एक साल पहले पाइपलाइन बिछी थी पर पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। टंकी भी हाल ही में बननी शुरू हुई। ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों पर चैंबर बनाकर छोड़ दिए गए। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
केस : 06 ठेकेदार भागा, एक साल से सड़क पर पड़े पाइप
चौबेपुर क्षेत्र के रौतापुर कलां में पानी की टंकी तीन साल पहले बन गई थी लेकिन आज तक आधे गांव में पाइपलाइन तक नहीं बिछ सकी। मुख्य सड़क पर पाइप रखकर छोड़ दिया जिससे चलना दूभर हो गया है। कई जगह लाइन फट भी गई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग गया। एक साल से पाइप सड़क पर प़ड़ा है।
केस : 07 851 घरों में पहुंचना था पानी, केवल 200 घरों में आया
पतारा क्षेत्र के रायपुर में 2022 में शुरू परियोजना फरवरी 2024 में पूरी दिखा दी गई। 851 परिवारों को लाभ मिलना था, लेकिन केवल 200 घरों में ही आपूर्ति हो पाई। पाइप लाइन का लीकेज ठीक न करके सप्लाई ही रोक दी जिससे आधे से ज्यादा घरों पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़कों पर पानी भरने से निकलना मुश्किल हो गया है।
केस : 08 टंकी बनाई नहीं, कार्य पूर्ण का बोर्ड लगा दिया
पतारा ब्लॉक के सरखेलपुर ग्राम पंचायत में बिना टंकी बनाए ही काम पूरा दिखाकर फरवरी 2024 को काम पूरा होने का बोर्ड लगा दिया। टंकी से करीब 900 घरों तक पानी पहुंचना था लेकिन 150 में पानी पहुंच पाया। टंकी न बनने से मोटर से डायरेक्ट सप्लाई की जा रही है। इसके साथ गांव की सड़क खुदने से सड़क पर कीच़ड़ फैला रहता है।
केस : 09 आधे क्षेत्र में पाइपलाइन डाली, आधे को छोड़ा
सजेती गांव में टंकी बने दो साल हो गए, लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हुई। आधे क्षेत्र में पाइपलाइन डाल दी गई, बाकी को छोड़ दिया गया। कई घरों में कनेक्शन ही नहीं दिए गए। ग्राम प्रधान ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ आश्वासन मिला है।
वर्जन-
अभी तक 170 परियोजनाएं आंशिक रूप से चालू हैं। कुल 425 परियोजनाएं तैयार होनी है। एक वर्ष से सरकार की ओर से बजट न जारी होने के कारण काम धीरे-धीरे हो रहा है। जल्द ही परियोजनाएं पूरी कर घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा। - एमके सिंह, अधीक्षण अभियंता जल निगम