उन्नाव में नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म
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उन्नाव के बिहार में होली के दिन दुष्कर्म के बाद मासूम की मौत से गांव के लोगों में गुस्सा है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब मासूम का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा जबतक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती वो बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
यह सुन एसपी और डीएम के हाथपांव फूल गए। दोनों लोगाें ने कार्रवाई का वादा कर अंतिम संस्कार करने की बात कही लेकिन परिजन उनकी एक बात सुनने के लिए तैयार नही हुए। आखिर में प्रशासन ने परिवारीजनों को पूर्व विधायक के आवास पर बुलाकर बात की।
जिलाधिकारी ने 5 लाख की सहायता तुरंत दिलाने की बात कही। जिसके बाद मृतका के परिजन संतुष्ट हो अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। अंतिम संस्कार के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान एमएलसी सुनील साजन, पूर्व विधायक कृपा शंकर, सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव के अलावा मूल चंद्र लोधी सहित सैकड़ों लोग मौजूद।
बताते चलें कि उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में होली के दिन नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद गला दबा दिया गया था। बेहोशी की हालत में गांव के बाहर मिली तो गांव में सनसनी फैल गई थी। मंगलवार शाम घर से 400 मीटर दूर बच्ची को पड़ा देख पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद एसपी, एएसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुंचे। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया जहां से जिला अस्पताल फिर कानपुर रेफर कर दिया गया था। कानपुर हैलट में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई थी।
पिता की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर दुष्कर्म व पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी ने एएसपी उत्तरी के नेतृत्व में चार टीमें गठित कर खुलासे की जिम्मेदारी दी है। पुलिस ने शक के आधार कई लोगों से थाने में पूछताछ कर रही है। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश को देखते हुए पुलिस व पीएसी बल तैनात किया गया है।