कानपुर देहात। जिले के 2, 875 स्कूलों में चलने वाले वाहनों का डाटा ऑनबोर्ड किए जाने के बाद 83 वाहन बिना वैध परमिट के चलते पाए गए हैं। वहीं, 45 वाहनों की फिटनेस फेल मिली है। वाहनों के संचालकों को नोटिस जारी करने के साथ 13 का पंजीयन निलंबित किया गया है।
एआरटीओ प्रशासन प्रशांत तिवारी ने बताया कि स्कूली वाहनों के मानकों को लेकर सख्ती बरती जा रही है। विभाग द्वारा अभियान चलाकर हकीकत परखी गई। इसमें 83 वाहन बिना परमिट, 45 बिना फिटनेस के चलते पाए गए हैं। जिनकी फिटनेस फेल मिली है उनमें से 13 वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया है। मानकों की अनदेखी कर स्कूली वाहन चलाने वाले संचालकों को नोटिस जारी करते हुए वैध परमिट बनवाने को कहा गया है।
इनमें कई वाहनों के संचालकों को निरीक्षण दौरान की चेतावनी दी गई थी। इसके अलावा फोन व कार्यालय के बाबू के माध्यम से भी हिदायत दी जा चुकी है। इस पर भी कई स्कूलों के संचालकों ने कागजात सही नहीं करवाए हैं। इनमें सुधार न होता देख डीआईओएस व बीएसए को इन स्कूलों की मान्यता को रद्द किए जाने के लिए पत्राचार किया गया है।
वहीं, सड़क पर संचालित पाए जाने पर ऐसे वाहनों पर प्रवर्तन दल द्वारा कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि परिवहन आयुक्त ने एक से 15 अप्रैल तक अभियान चलाते हुए सभी स्कूली वाहनों का डाटा ऑनबोर्ड किए जाने के निर्देश दिए थे। परिवहन विभाग की ओर से एआरटीओ प्रवर्तन, पीटीओ ने स्कूल पहुंच चेकिंग की। इसके साथ ही स्कूलों का डाटा ऑनलाइन किया। इसके बाद हुई जांच में खुलासा हुआ मानकों की अनदेखी कर चल रहे वाहनों की स्थिति निकल कर सामने आई हैं।
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सुरक्षा पर भारी पड़ सकती मानकों की अनदेखी
स्कूल में बच्चों को लेकर जाने व घर तक छोड़ने के लिए संचालकों ने बस, वैन, मैजिक, मिनी बस लगा रखी है। इनमें से कई स्कूलों में वाहन परिवहन विभाग के साथ स्कूल वाहन होने का मानक पूरा नहीं करते। इनमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी अनदेखी की जा रही है। इसके बाद भी यह फर्राटा भर रहे हैं। खास बात तो यह है कि इनमें से कई स्कूल संचालक मुख्य मार्गों, हाईवे किनारे स्थित हैं। ऐसे में हादसे का खतरा भी रहता है। स्कूल वाहनों में मानकों की अनदेखी बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है।