अपनी मां और बाप दोनों को गंवाने वाले 12 साल के करन ने अपनी आंखों से देखा वो भयानक मंजर...
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कानपुर के दर्दनाक हादसे में करन ने खो दिया अपना परिवार
- फोटो : अमर उजाला
करन ने बताया कि वह लोग गोदभराई भरने के बाद वापस घर जा रहे थे। वह अपने भाई अर्जुन और बहन महक के साथ खेल रहा था। जबकि मम्मी पापा पास में ही बैठे थे। परिवार से अन्य लोग भी थे।
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कानपुर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
फिर अचानक से बस लहराई और एक तेज आवाज हुई। बस डिवाइडर को तोड़कर ट्रेलर से जा भिड़ी और पलट गई। इसके बाद बस में खून ही खून था। चीख-पुकार मची हुई थी। सब लोग बस में फंस गए थे। कुछ लोग डिवाइडर से बस लड़ते समय सीसा तोड़कर नीजे जा गिरे थे।
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कानपुर हादसे में घायल लोग
- फोटो : अमर उजाला
कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। बहन महक बेहोश हो गई थी। इसके बाद काफी भीड़ जुट गई। सबको निकाला गया। मेरे मम्पी पापा को भी निकाला गया पर भाई अर्जुन और साथ के दो और लोगों का पता नहीं चल रहा था। इसके बाद हमको अस्पताल ले जाया गया। जहां पता चला कि मम्मी पापा की मौत हो गई है।
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हादसे में अपनों को खोने का दर्द कुछ यूं छलका
- फोटो : अमर उजाला
दो घायलों का तत्काल शुरू हुआ आपरेशन
हैलट में डॉ. संजय काला अपनी यूनिट ने साथ डटे रहे । डॉ. संजय काला ने बताया कि हादसे में घायल हुए शिवम (25) और निखिल (12) का तत्काल आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
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कानपुर बस-ट्रेलर की टक्कर में घायल हुए यात्री
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. संजय काला ने बताया कि शिवम की आंत फट गई है।, जबकि निखिल की सिर की हड्डी टूटी हुई है। दोनों की हालत सीरियस है। वहीं महक (9) सहित दो और लोगों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
हादसे में घायल यात्रियों का इलाज करते अस्पताल के डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
दिखी इंसानियत कि मिशाल
हैलट में सद्भावना की मिशाल भी देखने को मिली हादसे की सूचना मिलते ही गोविंदनगर निवासी कवल जीत सिंह हैलट में चाय-पानी लेकर पहुंच गए। कवल जीत मृतकों के परिजनों और हैलट कर्मियों को दौड़-दौड़कर चाय, बिस्किट और पानी पिलाते रहे। कवलजीत की गड़रियनपुरवा में मोटर पार्ट्स की दुकान है। वहीं घटना स्थल के पास लक्ष्मी कॉटन मिल के कर्मचारी और अन्य लोग भी अपना काम-धंधा छोड़कर घायलों को बस से निकालने में जुटे रहे।