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13 साल पूर्व हुए तिहरे हत्याकांड में पूर्व ब्लाक प्रमुख दो पुत्रों समेत 8 दोषी, कोर्ट कल लेगी फैसला

Thu, 05 Sep 2019 11:32 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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कोर्ट कल सुनाएगी फैसला - फोटो : अमर उजाला
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करीब तेरह वर्ष पूर्व झांसी जिले के रानीपुर कस्बे में भाजयुमो जिलाध्यक्ष सहित तीन पर असलहों से लैस ब्लाक प्रमुख ने दो पुत्रों व साथियों के साथ गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में दो लोग घायल हुए थे। इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के आदेश पर जिले में हो रही थी।
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गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय दस्यु प्रभावित क्षेत्र के न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला ने आठ हत्यारोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत शुक्रवार को सजा सुनाएगी। मुकदमे में नामित एक आरोपी की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है। जबकि एक आरोपी को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं सकी है। 

 

भाजयुमो जिलाध्यक्ष व उसके दो साथियों की गोलियों से भूनकर की थी हत्या

जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि झांसी जिले के मऊरानीपुर थानाक्षेत्र के रानीपुर पासा होटल के पास बसस्टैंड नईबस्ती निवासी मनोज श्रोत्रिय अपने साथी दीपचंद, विमल, मोनी पाल, राजबाबू तिवारी के साथ कार से 17 दिसंबर 2006 की रात करीब साढ़े आठ बजे अपने भाई विनोद कुमार के ट्रांसपोर्ट कार्यालय पहुंचे।

जहां मनोज श्रोत्रिय ने भाई से कहा कि वह पत्नी को झांसी छोड़ आया है। लाइसेंसी रिवाल्वर व पत्नी के गहने लिए है वह घर रखने जा रहा है। इतना कहते हुए वह अपने साथियों के साथ चल दिया। पासा होटल के पास जैसे ही पहुंचा तभी स्कार्पियो, टाटा सफारी एक पल्सर बाइक में सवार तत्कालीन ब्लाक प्रमुख लेखराज यादव, उसके पुत्र जयहिंद व भगत सिंह, रामस्वरूप, महेंद्र, वीर सिंह, सनु कुशवाहा व पांच अज्ञात लोग असलहे लिए उसकी कार के सामने वाहन लगाकर रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे।

 

दोषी ठहराए गए एक आरोपी की पत्नी ब्लाक प्रमुख तो दूसरा नगर पंचायत अध्यक्ष

इसके बाद मनोज श्रोत्रिय को कार से उतार कर राइफल को उसके सिर में सटाकर गोली मारी। उसकी मौके पर मौत हो गई थी। घटना में मनोज के साथी विमल व मोनी की भी मौत हुई थी। जबकि दीपचंद व रामबाबू घायल हुए थे। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी मनोज की रिवाल्वर व गहने लूटकर ले गए थे। घटना के समय मनोज भाजयुमो का जिलाध्यक्ष था।

घटना वाले दिन ही रात करीब सवा नौ बजे मृतक के भाई विनोद कुमार ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस की विवेचना में टीकमगढ़ के इनामी बदमाश कामकाज, स्वामी प्रसाद उर्फ पासा, दयाराम उर्फ पल्लेदार के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने स्वामी प्रसाद उर्फ पासा के पास लूटी गई रिवाल्वर बरामद की थी।

 
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सजा के बिंदु पर अदालत आज लेगी फैसला, 13 साल पूर्व का हत्याकांड

शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि झांसी न्यायालय में मुकदमे के विचरण के दौरान न्यायिक अधिकारी ने आरोपियों को जमानत दे दी। पीड़ित पक्ष ने उच्च न्यायालय में आपत्ति दर्ज की। जिस पर उच्च न्यायालय ने मामले को संज्ञान में लेकर तत्कालीन न्यायिक अधिकारी पर कार्रवाई की और मुकदमे को हमीरपुर न्यायालय स्थानातंरित करने के आदेश दिए।

जिस पर वर्ष 2007 में मुकदमा जिले की अदालत में आ गया और विचरण शुरू हो गया। गुरुवार को विशेष डकैती जज अनिल कुमार शुक्ला ने मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर आठ आरोपियों को दोषी ठहराया। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।

मामले में नामजद आरोपी दयाराम उर्फ पल्लेदार अभी भी फरार है। जबकि एक आरोपी कामकाज की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है। दोषी ठहराए गए पूर्व ब्लाक प्रमुख का पुत्र जयहिंद की पत्नी मौजूदा में बंगरा से ब्लाक प्रमुख पद पर हैं। जबकि दूसरा आरोपी पुत्र भगत सिंह खुद रानीगंज से नगर पंचायत अध्यक्ष है।
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