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Kanpur News: ग्रामसभा में दर्ज होगी पावर प्लांट के लिए पुनर्ग्रहण की 761.41 एकड़ जमीन

Fri, 05 Jun 2026 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। भोगनीपुर तहसील के चपरघटा में 1320 मेगावाट के लगने वाले पावर प्लांट के नाम पर 400 करोड़ के घोटाले में कार्रवाई ने तेजी पकड़ी है। कानपुर मंडलायुक्त ने विभागीय जांच के बाद ग्राम सभाओं की जमीनों का पुनर्ग्रहण निरस्त किया है। इसमें 761.41 एकड़ जमीन को वापस लेकर ग्रामसभा में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं दर्ज प्राथमिकी के मामले में एसआईटी घोटाला करने वालों की कड़ी से कड़ी मिला रही है।
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चपरघटा में पावर प्लांट की जमीन पर धोखाधड़ी कर ऋण लेने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हुई है। जांच के बाद सात गांव की पुनर्ग्रहण की गई 761.41 एकड़ जमीन को कानपुर मंडल के बड़े अधिकारी ने ग्राम सभा में दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मंडलायुक्त ने माना है कि पावर प्लांट के लिए जमीन लेने वाली कंपनियों ने पट्टा विलेख की शर्तों का उल्लंघन किया है।
बता दें कि भोगनीपुर तहसील के चपरघटा में पॉवर प्लांट लगाने के लिए वर्ष 2010 में जमीन देने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। परियोजना की स्थापना के लिए ग्राम अमिलिया, सिहारी, कछगांव व चपरघटा की जमीन वर्ष 2011 में हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड और ग्राम कृपालपुर, चपरघटा, रसूलपुर भुरंडा व भरतौली में लैंको अनपरा पावर लिमिटेड को शर्तों के तहत दी गई थी। दोनों कंपनियों को तीन साल में प्लांट की स्थापना कर बिजली उत्पादन करना था लेकिन ऐसा नहीं हो सका और पुनर्ग्रहण, अधिग्रहीत भूमि आज भी खाली पड़ी है।
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इधर कंपनियों ने शर्तों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के जमीन को बैंक में बंधक कर ऋण ले लिया। लिया गया ऋण जमा न हो पाने पर जब बैंकों ने नीलामी प्रक्रिया शुरू को तो जिला प्रशासन को जानकारी हुई। इस मामले में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जांच कराने के साथ रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी थी। साथ ही मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इसके बाद 400 करोड़ की राजस्व क्षति पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
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इन पर दर्ज हुई है प्राथमिकी
राजस्व, ऊर्जा विभाग की ओर से जमीन को बंधक रखने की कोई अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद भी कंपनियों ने भू अध्याप्ति कार्यालय की मिलीभगत से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन को बैंक में बंधक करा ऋण लिया। करीब 400 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई। इस पर भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने 12 अप्रैल को मूसानगर थाने में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति कानपुर नगर ओके सिंह, उनके विभाग के कर्मचारी, हिमावत पॉवर प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट एम. नरसिंह मूर्ति, लैंको अनपरा पॉवर लिमिटेड के थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के अधिकारी, कर्मचारी निवासी उद्योग विहार फेज-3 गुरुग्राम हरियाणा, पंजाब नेशनल शाखा मंडल शस्त्र केंद्र गुरुग्राम, केनरा बैंक शाखा, आईडीबीआई बैंक शाखा के अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है।
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एसआईटी भी घोटालेबाजों की खंगाल रही कुंडली
जमीन घोटाले में गठित एसआईटी टीम अब तक कई महत्वपूर्ण जानकारी जुटा चुकी है। टीम ने भोगनीपुर तहसील से लेकर राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग और भू अध्याप्ति कार्यालय से अभिलेख जुटाए हैं। इसके साथ ही बैंकों से कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण, नीलामी प्रक्रिया और बंधक बनाई गई जमीन को लेकर जानकारी जुटाई है। इसी आधार पर टीम घोटालेबाजों की कड़ी से कड़ी मिला रही है। इसमें कई टीमें अलग-अलग काम कर रहीं हैं। जल्द इस मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
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बयान...
वर्ष 2011 में थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों को अधिग्रहण, पुनर्ग्रहण के तहत 2234 एकड़ जमीन तत्कालीन सरकार, ऊर्जा विभाग ने आवंटित की थी। अब तक कोई कार्य नहीं किया गया। एग्रीमेंट शर्तों का उल्लंघन किया गया। गहन परीक्षण के बाद एक रिपोर्ट शासन भेजी गई थी। शासन स्तर पर ऊर्जा विभाग द्वारा दोनों कंपनियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है, जिसकी विवेचना चल रही है। कानपुर मंडलायुक्त ने पुनर्ग्रहण की करीब 761 एकड़ जमीन को वापस लेकर ग्राम सभा में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पर अनुपालन कराया जा रहा है। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
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