कानपुर। शहर में करीब 719 मकान जर्जर हैं जो मुख्य रूप से घनी आबादी वाले मोहल्लों में हैं। इनमें रह रहे करीब चार हजार लोगों की जान खतरे में है। सोमवार रात में बेकनगंज में पानी की टंकी के पास मकान का एक हिस्सा ढहने से सात लोगों के घायल होने से इस मकान सहित अन्य में रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गई। उधर, नगर निगम ऐसे मकानों को जर्जर घोषित कर खानापूरी कर रहा है।
सबसे ज्यादा जर्जर मकान जोन-एक और जोन - चार के अंतर्गत बेकनगंज, चमनगंज, कंघीमोहाल, कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, नई सड़क, मेस्टन रोड, पटकापुर, कुरसवां, इटावा बाजार, लाठी मोहाल, बंगाली मोहाल, बादशाहीनाका, कुलीबाजार, कर्नलगंज अनवरगंज, बासमंडी, डिप्टी पड़ाव आदि मोहल्लों में हैं। नगर निगम के अनुसार ज्यादातर जर्जर मकानों में मकान मालिक और किराएदारों में विवाद चल रहे हैं। तमाम मामले न्यायालयों में भी लंबित हैं। इनकी वजह से न तो वे खाली हो रहे हैं और न ही गिराए जा रहे हैं।कई जर्जर मकान ऐसे हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं।