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एटीएम बने शोपीस, भटक रहे ग्राहक

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औरैया। केंद्र सरकार की नोटबंदी की समय सीमा खत्म होने के तीन माह बाद भी अभी तक बैंकों में करेंसी का टोंटा बना है। हालात यह हैं कि बैंकोें से निकाले गए रुपये बाजार में डंप हो जाने से बैंकों के पास बड़े नोटों की कमी बनी है।
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दूसरी तरफ आरबीआई की ओर से भी बैंकों तक पर्याप्त करेंसी न पहुंच पाने से उपभोक्ताओं को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। एटीएम भी बंद रहने से लोग परेशान हो रहे हैं।

शहर में विभिन्न बैंकों के लगभग एक दर्जन एटीएम मशीनें हैं। खास बात यह है कि बैंकों की ओर से मशीनें तो लगा दी गई, लेकिन इनमें रुपये भरने के लिए उनके पास करेंसी का टोंटा है।
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लिहाजा सर्वर खराब की बात बताकर बैंकों ने एटीएम मशीनों के शटर गिरा रखे हैं या फिर खाली एटीएम लोगों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। शनिवार को अमर उजाला ने शहर के बैंकों व एटीएम की स्थिति परखी तो हालात ठीक नहीं मिले।

दिबियापुर रोड पर स्थित स्टेट बैंक शाखा पहुंचने पर वहां एटीएम का शटर गिरा मिला। बैंक मैनेजर परवेज से बात की तो उन्होेंने बताया कि अभी सुबह तक मशीन चल रहा था, कुछ टेक्निकल समस्या के कारण मशीन बंद हो जाने से शटर गिरा दिया गया है।

जबकि बैंक के एमबीओ ओम प्रकाश कुरील ने बताया कि मशीन में खराबी आने से पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी है। इस बारे में इंजीनियर को सूचना दी जा चुकी है लेकिन अभी तक न आने से एटीएम मशीन बंद ही है। वहीं बैंक में कैश की किल्लत दिखाई दी।

बैंक में मौजूद पातेपुर के उपभोक्ता सियाराम ने बताया कि उन्होंने बाहर जाने के लिए बीस हजार रुपये निकाले थे। जिसमें दो हजार रुपये के नोट देने को कहा, लेकिन बड़े नोटों की करेंसी कम होने के कारण आधे ही मिल सके।

एचडीएफसी बैंक पहुंचने पर वहां भी मशीन बंद मिली। एटीएम मशीन का शटर गिरा होने पर जब बैंक के ब्लाक अप ब्रांच मैनेजर राघवेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि आसपास जितने भी एटीएम लगे हैं। उसमें सबसे ज्यादा उनके ही बैंक का एटीएम संचालित हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से सर्वर की समस्या के कारण मशीनें काम नहीं कर रही हैं। इंजीनियर लगे हैं जल्द ही समस्या का समाधान करा लिया जाएगा। वहीं उनके यहां करेंसी की कोई समस्या नहीं है। बैंक के बाहर मिले उपभोक्ता अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि शहर में लगे अधिकांश एटीएम मशीनें बंद होने से इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। एचडीएफसी बैंक में भी दो दिन से एटीएम बंद रहने से रुपयों की निकासी नहीं हो पा रही है।

बड़े नोट न होने से बंद हो जाते एटीएम: बड़े नोटों के जमा न होने से बैंक एटीएम में रुपये नही डाल पा रही है। वहीं आरबीआई भी दो हजार के नोट अब नहीं दे रही है। सौ और 50 की करेंसी के अधिक नोट दे रही है। जिसके कारण एटीएम में दिक्कत बनी हुई है।

करेंसी कम मिल रही है: आरबीआई से करेंसी कम मिल रही है। बड़े नोट जमा नहीं हो रहे हैं। निकासी अधिक है। इसलिए समस्या है। इस समय पूरा जोर कैशलेस प्रक्रिया पर है। मगर एटीएम की किल्लत दूर की जाएगी। -दूधनाथ, एलडीएम
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-नोट बंदी के तीन माह बाद भी नहीं सुधरे हालात, बैंकों में भी बड़ी करेंसी का टोटा
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