संडीला औद्योगिक क्षेत्र के फेज-2 में बुधवार सुबह एक रुई फैक्टरी में आग लग गई। तकरीबन ढाई घंटे की मशक्कत के बाद तीन दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। फैक्टरी के निदेशक ने लगभग 70 लाख के नुकसान होने की बात कही है।
लखनऊ के घंटाघर के पास रहने वाले मोहन कुमार की रुई फैक्टरी संडीला औद्योगिक क्षेत्र के फेज-2 में है। उनकी फैक्टरी का नाम वीरता है। बुधवार सुबह लगभग 10 बजे पिछले तीन दिन से बंद फैक्टरी में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण मौके पर खलबली मच गई। फैक्टरी से धुआं और आग का गुबार देखकर यहां तैनात चौकीदार ने अग्निशमन विभाग को फोन करने के साथ ही फैक्टरी के निदेशक राकेश केवलानी को सूचना दी। जानकारी पर राकेश मौके पर पहुंचे और कुछ ही देर में अग्निशमन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी पहुंच गए। लगभग एक बजे आग पर काबू पाया जा सका।
आग बुझाने के लिए संडीला अग्निशमन केंद्र से एक दमकल वाहन भेजा गया, लेकिन इससे स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो हरदोई और बेनीगंज से भी एक-एक दमकल वाहन मौके पर भेजा गया। फैक्टरी के निदेशक राकेश किरलानी के मुताबिक लगभग 70 लाख का नुकसान हुआ है। रुई और रुई बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री जल गई है। उन्होंने शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई है।
अग्निशमन केंद्र संडीला के प्रभारी ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि फैक्टरी में अग्निरोधी यंत्र लगे थे, लेकिन यह चालू हालत में थे या नहीं इसकी जांच की जा रही है। कछौना कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है।