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Hardoi News: तकनीकी अड़चन दूर, पिहानी कूल्हाघाट के लिए 23 करोड़ 45 लाख मंजूर

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पिहानी-कुल्हाघाट की जर्जर सड़क। - फोटो : पिहानी-कुल्हाघाट की जर्जर सड़क।
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हरदोई। पिहानी-बूढ़ागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को आखिरकार मंजूरी मिल ही गई। लगभग 8.5 किलोमीटर लंबी सड़क को अब सात मीटर चौड़ा किया जाएगा। 23,45,50,000 रुपये से कार्य कराए जाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। इसके सापेक्ष 4,58,00,400 रुपये जारी भी कर दिए गए हैं। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आने वाली यह सड़क स्थानीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई थी।
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पिहानी-बूढ़ागांव-कूल्हाघाट संपर्क मार्ग की लंबाई हरदोई जनपद की सीमा में लगभग साढ़े आठ किलोमीटर है। इसके आगे सीतापुर जनपद की सीमा शुरू हो जाती है। हरदोई जनपद में उक्त सड़क का हिस्सा बेहद खराब है। इसी मार्ग पर पौराणिक महत्व वाला धोबिया आश्रम भी है। सड़क के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण की मांग क्षेत्र के बाशिंदे जन प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से उठाते रहे हैं। पूर्व में इस मार्ग की सतह सुधार यानी मरम्मत कराए जाने का प्रस्ताव शासन से मंजूर हुआ था, लेकिन भारतीय किसान यूनियन के स्थानीय नेता राहुल मिश्रा और समर्थकों के कारण यह कार्य नहीं कराया गया था।
दरअसल, यह लोग मांग कर रहे थे कि चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का ही कार्य कराया जाए। राहत भरी खबर यह है कि शासन ने सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण का प्रस्ताव मंजूर करते हुए शासनादेश जारी कर बजट भी जारी कर दिया है। अब जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करा दिया जाएगा।
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... शिलान्यास के बाद बैक फुट पर आना पड़ा था जनप्रतिनिधियों को
पिहानी-कूल्हाघाट मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग लंबे समय से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी कर रहे थे। जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों काे मंजूरी नहीं मिली तो विभागीय अभियंताओं ने बीच का रास्ता निकाला। बेहद खराब हो चुकी सड़क को आवागमन के लायक बनाने के लिए सतह सुधार कराने का प्रस्ताव भेजा। यह प्रस्ताव स्वीकार भी हो गया। बीते वर्ष तीन अगस्त काे सांसद जय प्रकाश, राज्य सभा के निवर्तमान सदस्य डॉ. अशोक वाजपेयी और गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में निर्माण कार्य का शिलान्यास भी हो गया। शिलान्यास होने के बाद पता चला कि चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का नहीं, बल्कि सतह सुधार के काम का शिलान्यास कराया गया है। इसी बीच भाकियू ने मोर्चा खोल दिया और फिर जनप्रतिनिधियों को भी बैक फुट पर आना पड़ा। अब नए सिरे से चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य मंजूर हुआ है।


सामूहिक प्रयास... अब श्रेय लेने की होड़
मार्ग के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास चल रहे थे। क्षेत्रीय विधायक श्याम प्रकाश ने नौ अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मार्ग के निर्माण के लिए आग्रह किया था। इससे पहले सांसद जय प्रकाश ने 19 जून 2021 को मुख्यमंत्री से मिलकर इस कार्य को मंजूरी देने की मांग की थी। तीन जनवरी 2023 को विस्तृत एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था। वही एस्टीमेट अब मंजूर हुआ है। हालांकि, अगस्त 2024 में निवर्तमान राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक वाजपेयी ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर सड़क निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की थी। अब जब प्रस्ताव मंजूर हो गया है तो इसका श्रेय लेने की होड़ सोशल मीडिया पर लगी है।

इसलिए अटक गया था चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव
सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी न मिलने पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड ने आईआरक्यूपी (इंप्रूवमेंट ऑफ रोड क्वालिटी पेवमेंट) यानी सतह सुधार के तहत कार्य का प्रस्ताव भेजा। इसके तहत पहले से बनी सड़क की मरम्मत होनी थी। आठ किलोमीटर लंबाई में कार्य कराने के लिए चार करोड़ 49 लाख 10 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन ने सात मार्च को स्वीकृत किया था। इसी के तहत तीन अगस्त को कार्य शुरू कराया गया था। विरोध के बीच यह बंद हुआ, लेकिन पेच यह फंस गया कि पूर्व में जारी बजट को सरेंडर किए बिना नया बजट जारी नहीं हो सकता। इसको लेकर अमर उजाला ने 25 जनवरी के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद बजट सरेंडर के लिए शासन को भेजा गया। प्रस्ताव मंजूर हुआ और नए सिरे से कार्य कराने का बजट अब जारी हो गया।
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