कानपुर देहात। जिला कारागार माती में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके पुनर्वास के उद्देश्य से एक प्रशिक्षण का बुधवार को शुभारंभ किया गया है। यह पहल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात और दीक्षालय फाउंडेशन, कानपुर के सहयोग से शुरू हुई है। कार्यक्रम के तहत कुल 68 बंदियों को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने महिला बैरक में संचालित ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण और बैरक संख्या 1-बी में बाइक रिपेयरिंग प्रशिक्षण का फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के लिए 28 महिला बंदियों को ब्यूटीशियन और सिलाई के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं, 40 पुरुष बंदियों को बाइक रिपेयरिंग प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नुपुर श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना है। यह उन्हें रिहाई के बाद सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगा। प्रमाण-पत्र मिलने से उन्हें स्वरोजगार शुरू करने में आसानी होगी। इससे वे समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे। कारागार अधीक्षक धीरज कुमार सिन्हा ने बंदियों के पुनर्वास के लिए इस पहल के लिए दीक्षालय फाउंडेशन और उनकी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रभारी कारापाल डॉ. राजेश कुमार और कौशल विकास प्रभारी अनुराग त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे।