कानपुर देहात। समूह की महिलाओं को अपने कारोबार को बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए 68 उत्पादक समूह बन कर तैयार हो गए है। इसमें एक जैसा कार्य करने वाली महिलाओं का समूह तैयार किया जा रहा है।
ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से एक जैसा कारोबार करने वाली महिलाओं का समूह तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब एक महीना पहले तक 40 उत्पादक समूह तैयार किए जा चुके थे। उपायुक्त एनआरएलएम ने इनकी संख्या को बढ़ाए जाने के लिए सभी डीएमएम (जिला मिशन प्रबंधक) को निर्देशित किया। इस पर एक महीने में 26 अन्य समूह बनकर तैयार हो गए हैं। अब इन समूह से जुड़ी महिलाओं को उनके कारोबार के हिसाब से प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। विभाग के अनुसार एक जैसा कारोबार करने वाली महिलाओं का अलग-अलग समूह तैयार किया जा रहा है। इसी के अनुसार इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि मिशन ने इसके लिए नई योजना तैयार करते हुए एक जैसा कारोबार कर रही 10 से 15 महिलाओं का समूह बनाया जा रहा है। इसे पीजी (उत्पादक समूह) नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को संगठित कर कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करना है। बताया कि अगर महिलाएं सिलाई, मधुमक्खी पालन, खेती, रेशम या फिर डेयरी का कार्य कर रही हैं, तो इन्हें साथ में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें इन्हें अधिक लाभ व बड़ा बाजार मिल सकेगा। इसके लिए मिशन की तरफ से अनुदान भी दिया जाएगा।
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समूह की महिलाओं को कारोबार आगे बढ़ाने के लिए उत्पादक समूह बनाए गए हैं। इसमें एक जैसा कार्य करने वाली महिलाओं का समूह तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक करते हुए स्वयं की आमदनी करते हुए आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायु्क्त, एनआरएलएम