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जुलूस से लग रहा जाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहपुर। निकाय चुनाव के प्रचार ने शहर में जाम के हालातों को और भी गंभीर बना दिया है। आम दिनों की अपेक्षा जाम खूब लग रहा है। वाहनों के काफिले के साथ समर्थकों के सड़कों पर उतरने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। जाम से शहर को बचाने के लिए पुलिस नजर नहीं आ रही है। ज्यादातर चौराहों से पिकेटिंग नदारद होने से एक-एक जुलूस से दो-दो घंटे का जाम लग रहा है।
जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है। चुनाव प्रचार तेजी पकड़ता जा रहा है। सदर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी वोटरों के दिलोदिमाग में छा जाने के लिए पूरा दम झोंक रहे हैं। इनके काफिले इस मोहल्ले से उस मोहल्ले में पहुंचकर टेंपो हाई कर कर रहे हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सुबह और शाम जाम के हालात हो रहे हैं।
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शहर के सिविल लाइंस, आईटीआई रोड, वर्मा चौराहा, कलक्टरगंज, राधानगर, अस्पताल रोड, बाकरगंज, ज्वालागंज चौराहा जैसे कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां का यातायात चरमरा जाता है। एक जुलूस में कई-कई वाहन साथ होने और समर्थकों का हुजूम जुटने से ट्रैफिक जहां का तहां ठहर जाता है।
यातायात सुगम बनाने के नाम पर पुलिस भी कुछ खास करती नजर नहीं आ रही है। ज्वालागंज चौराहा में जरूर पिकेट के सिपाही मुस्तैद नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य चौराहों में पिकेटिंग देखने को नहीं मिल रही है। ऐसे में हर सड़क पर जाम लग रहा है। यातायात बहाल होने में कम से कम दो घंटे का वक्त लग रहा है।
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जुलूस पर प्रशासन की नजर- एसडीएम
फतेहपुर। सदर एसडीएम अवनीश राय का दावा है कि प्रत्येक जुलूस में एक लेखपाल और एक पुलिस को निगहबानी के लिए लगा रखा गया है। एक जुलूस में 10 वाहनों की परमीशन दी जा रही है। अगर इससे ज्यादा वाहनों पर झंडे और बैनर है तो आचार संहिता का उल्लंघन है। परमीशन से इतर वाहनों का उपयोग में लाने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

28- ज्वालागंज चौराहे में लगा जाम।
29- वर्मा तिराहे पर ठहरा यातायात।
प्रत्याशियों के जुलूस से लग रहा जाम
वाहनों के काफिले और समर्थकों के सड़क पर उतरने से चरमरा जाती व्यवस्था
चुनावी शोर में भीड़भाड़ वाले इलाकों से लोगों को निकलना हो रहा है दूभर
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