अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। महिला का अपहरण कर हत्या करने और शव को रेलवे ट्रैक में फेंकने के मामले में पुलिस बुधवार को अपर महानिदेशक के आदेश पर पांच नामजद सहित दस लोगों पर मामला दर्ज किया है। मामला साढ़े तीन साल पुराना है। हालांकि घटना के दिन जीआरपी ने माना था कि महिला की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हुई थी।
देवराय का पुर्वा निवासी जयनारायण पुत्र मूलचंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 22 अप्रैल को उसकी पुत्रवधू विमला देवी पत्नी श्रीनिवास का झगड़ा गांव के ही उमाशंकर, श्यामबाबू, कृष्ण कुमार, सौरभ उर्फ नेता और रेखा पत्नी उमाशंकर सहित दस लोगों हो गया था। इन लोगों ने महिला को पीट दिया।
घटना के वक्त श्रीनिवास बाहर था और जयनारायण अपनी पत्नी के साथ खेत पर थे। पिटाई से क्षुब्ध विमला शिकायत करने दिबियापुर थाने के लिए निकली। इसी दौरान पिटाई करने वाले लोग भी गाड़ी से विमला के पीछे रवाना हुए। जयनारायण ने बताया कि पूरी रात विमला के न आने पर शिकायत करने वह दिबियापुर थाने पहुंचा। लेकिन विमला का कुछ पता नहीं चला।
इसके बाद पिटाई करने वालों के घर पहुंचा तो वहां ताला लगा था। बताया कि 24 अप्रैल को अखबारों में एक महिला के ट्रेन से कटने की खबर पढ़ी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर कपड़ों के आधार पर विमला की शिनाख्त की।
जयनारायण ने बताया कि 2008 में उमाशंकर के खिलाफ उसकी पुत्रवधू ने छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से ये लोग रंजिश मानते हैं।
ग्रामीण ने बताया कि इसके बाद उसने दिबियापुर में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर उसने अपर पुलिस महानिदेशक से शिकायत की। उनके आदेश पर बुधवार को पुलिस ने उमाशंकर, श्यामबाबू, कृष्ण कुमार, सौरभ उर्फ नेता और रेखा सहित दस अज्ञात के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज किया है।
- अपर पुलिस महानिदेशक के आदेश के बाद साढ़े तीन माह बाद दर्ज हुई रिपोर्ट