रविवार को तीसरे चरण में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के चुनाव में हंगामा और छिटपुट विवाद के बीच 61.92 फीसदी वोट पड़े। सरसौल में सबसे ज्यादा 63.16 प्रतिशत वोट डाले गए। बिधनू में 63.11 और पतारा में सबसे कम 59.50 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह 270 सीटों के लिए 1456 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया है। इनमें जिला पंचायत की 11 सीट के लिए 210 और क्षेत्र पंचायत की 259 सीट के लिए 1246 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रह थे।
दो क्षेत्र पंचायतों के वोट एक बक्से में डलवाए
बनहरी मतदान केंद्र में दो क्षेत्र पंचायत सीट के वोट एक ही बक्से में डलवाए जाने का आरोप है। प्रत्याशियों बनहरी निवासी दिनेश कुमार और धरमपाल और रामसारी निवासी अमरसिंह और गुड्डू यादव ने बताया कि बनहरी ग्राम पंचायत के वार्ड-एक और दो को रामसारी द्वितीय क्षेत्र पंचायत से जोड़ा गया है।
वार्ड संख्या-3 और 4 के मतदाता बनहरी क्षेत्र पंचायत सीट में जुड़े हैं। मतदान के दौरान वार्ड-3 और 4 के पचास से अधिक वोट रामसारी (द्वितीय) के बक्से में डलवाए जाने का आरोप है। बनहरी क्षेत्र पंचायत में सिर्फ वार्ड 5 से 9 तक के वोट पड़े हैं। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने शिकायत अधिकारियों से की। पीठासीन अधिकारी ने मतपत्रों में वार्ड का नंबर लिखकर मतदान करवाया। कुछ इसी तरह की शिकायत तेजपुर क्षेत्र पंचायत के वार्ड संख्या दो में भी मिली। यहां पर बखरिया के दो वार्डों के 15 वोट तेजपुर-कुंवरपुर के वार्ड के साथ डलवाए जाने की बात कही गई। पीठासीन अधिकारी ने शिकायत को निराधार बताया।
मतदान बहिष्कार की धमकी बेअसर
पतारा की ग्राम पंचायत तरगांव में कुछ लोगों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी थी। रविवार को मतदान के दौरान उनकी एक नहीं चली और मतदाताओं ने खुलकर वोट डाले। सुबह चार-पांच लोगों ने केंद्र पर पहुंचकर मतदान न करने की बात कहनी शुरू कर दी। मौके पर तैनात पुलिस बल ने उन लोगों को हटा दिया, थोड़ा ना-नुकुर करने के बाद चले गए।
टीकरभाऊ में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर हंगामा
सरसौल के टीकरभाऊ प्राइमरी स्कूल में शाम करीब 4:50 बजे फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मतदान केंद्र के आसपास जमा लोगों को लठियाया। बाद में गांव में पुलिस ने राउंड लिया तो ज्यादातर लोग इधर-उधर हो लिए। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा कलक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में दलेलपुरवा में फर्जी वोटिंग की शिकायत आई।
हालांकि पीठासीन अधिकारी ने इससे इनकार किया। महाराजपुर थानाध्यक्ष की शिकायत की गई कि पोलिंग एजेंट से वोटिंग लिस्ट लेकर फाड़ दी है। थानाध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार किया। इसके अलावा दरगांव में मतदान बहिष्कार की शिकायत आई। कंट्रोल रूम से एसडीएम से पूछा गया तो उन्होंने बताया सुबह नौ बजे तक सात-आठ वोट पड़े हैं। पड़रीदयालपुर में बीडीसी के मतपत्र जिला पंचायत सदस्य वाली ही मतपेटिका में डलवाए जाने की शिकायत की गई। मर्दनपुर में कुछ लोगों ने वोटर लिस्ट में नाम न होने की बात कहते हुए हंगामा किया। दरगांव के लोगों के चुनाव बहिष्कार करने की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई।
करबिगवां में हंगामा, बूथ कैप्चरिंग की अफवाह
सरसौल ब्लाक के करबिगवां में रविवार को एक प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने दूसरे प्रत्याशियों के बस्ते नहीं लगने दिए। इस पर हुए हंगामे के बीच बूथ कैप्चरिंग की अफवाह से मामला बिगड़ गया। बवाल की आशंका पर मतदान केंद्र पर पैरा मििलट्री फोर्स लगाई गई। पुलिस ने एनाउंस कर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया। इसी बीच पुलिस आनन फानन आरोपी प्रत्याशी को डोमनपुर से उठाकर चकेरी थाने ले आई।
सुबह करीब 10 बजे कुछ प्रत्याशियों ने कलक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम और अफसरों से शिकायत दर्ज कराई कि जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी जितेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू ठाकुर करबिगवां में अन्य प्रत्याशियों के बस्ते नहीं लगने दे रहे हैं। मौके पर अफसर पहुंचे तो पता चला कि हंगामा हो रहा है। अफसरों को पुलिस ने बताया कि जितेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू ठाकुर कोहना थाने से हिस्ट्रीशीटर हैं। हंगामे के कारण कुछ देर मतदान प्रभावित रहा। अफसरों ने बवाल की आशंका पर पैरा मििलट्री फोर्स लगा दी।
करीब एक बजे डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी शलभ माथुर ने मौके पर पहुंचकर और फोर्स बढ़ाई। सीडीओ और एसडीएम सदर भारी फोर्स के साथ पूरे समय मतदान केंद्र पर डटे रहे। इस बीच पुलिस की गाड़ी गांव में माइक से एनाउंस करने लगी कि सभी लोग वोट डालें। पुलिस उनके साथ है।
किसी को भी किसी से डरने की जरूरत नहीं है। इसके बाद लोगों ने मतदान केंद्र पर आना शुरू किया। मतदान केंद्र पर पैरा मििलट्री फोर्स लोगों के कार्ड देखते हुए अंदर करने लगी। बाद में पुलिस को जानकारी मिली कि जितेंद्र प्रताप सिंह डोमनपुर मतदान केंद्र पर है तो उन्हें हिरासत में लेते हुए चकेरी थाने ले आया गया। करीब तीन बजे तक पुलिस उन्हें थाने में बैठाए रही। बाद में फोर्स के साथ उन्हें क्षेत्र में जाने दिया। उधर, जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस ने विरोधियों की साजिश के तहत उन्हें कई घंटे थाने पर बैठाए रखा।