चौबेपुर (कानपुर)। क्षेत्र के गौरीलक्खा गांव में आयोजित संस्कार महोत्सव को संबोधित करते हुए संत स्वामी प्रखर जी महाराज ने कहा कि
संस्कारित परिवार ही एक अच्छे समाज का निर्माण कर सकता है, संस्कार हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन की पहचान होते हैं। यह न केवल हमें समाज और समाज और राष्ट्र के अनुरूप चलना सिखाते हैं अपितु हमारे सुखमय जीवन की दिशा भी तय करते हैं। महाराज ने लोगों को गंगा, गाय और नंदी की सेवा का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में मेधावी बच्चों को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
गौ ग्राम गौरीलक्खा स्थित दिव्यांग गौशाला एवं संस्कारशाला में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त कानपुर नगर सुभाष चंद्र शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंडलायुक्त ने कहा कि गाय, गंगा और नंदी हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। इसे देश का दुर्भाग्य ही कहेंगे कि लोग दूध बंद करते ही गाय को लोग उसे उसके हाल पर जीने-मरने पर छोड़ देते हैं। कहा कि गाय के शरीर पर सारा ब्रह्मांड स्थित है गाय को मां का दर्जा दिया जाता है। पतित-पाविनी गंगा को उसका पुराना स्वरूप वापस दिलाने और निर्मल बनाने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। गंगा में बहाई जाने वाली गंदगी पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।
मंडलायुक्त ने स्कूली बच्चों को संस्कारित बनाए जाने की जानकारी पर संस्कार परिवार के संस्थापक पं रामजी त्रिपाठी के प्रयासों की सराहना की। पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्र ने भी शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कारित बनाए जाने की बात कही। इस मौके पर गौ पूजन किया गया। कार्यक्रम आयोजक गंगा प्रहरी पं. रामजी त्रिपाठी को आए अतिथियों का संस्कार शाला के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में पनकी मंदिर के महंत जितेंद्र दास जी, पंडित राजीव त्रिपाठी, पुरुषोत्तम बाजपेई, विनय शुक्ला और शिवम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।