अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने 9 सूत्री मांगों को लेकर कलक्ट्रेट गेट के पास धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद नौ सूत्री मांगपत्र डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के मुताबिक उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1947 में संशोधन के बाद प्रदेश में पहली बार अप्रैल 1995 में पंचायतों का संविधान के अनुसार विधिवत गठन हुआ। 1999 में कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने पहली बार सरकार के अंतिम वर्ष में इस दिशा में प्रयास शुरू किए लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानों के अधिकार पुन: छीन लिए गए।
संगठन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस प्रक्त्रिस्या को पुन: शुरू कराया जाए। ग्राम पंचायतों को उपविधि बनाने के लिए अधिकृत करने, कर वसूलने का अधिकार देने, मनरेगा की मजदूरी कम से कम 300 रुपये प्रतिदिन करने, भुगतान में लागू की गई डोंगल व्यवस्था को समाप्त करने, मनरेगा की मजदूरी का भुगतान ग्राम निधि प्रथम से चेक के माध्यम से करने व ग्राम प्रधानों का मानदेय ग्राम सचिव से कम से कम एक रुपये अधिक करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन देने वालों में गंगाप्रसाद यादव, अनूप यादव, सिद्धनाथ मिश्र, कमलेश कुमार, अमित कुमार, कुसमा, शिव कुमार, शांती देवी, सुशील कुमार, सुनीता, नरेश त्रिवेदी व सीताराम निषाद समेत पचास से अधिक प्रधान मौजूद रहे।
-कलक्ट्रेट गेट के पास किया धरना प्रदर्शन
-डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन