पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बेकनगंज निवासी साहजेव वारिस और चमनगंज स्थित हलीम कॉलेज के पास रहने वाले सलमान के रूप में हुई है। जांच के दौरान दोनों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों और उनके बैंक खातों की पड़ताल की गई। इसी जांच में बड़े पैमाने पर रकम के लेनदेन का पता चला।
11 खातों में 170 करोड़ का लेनदेन
पुलिस के अनुसार साहजेव वारिस के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर अपराध से जुड़ी 22 शिकायतें दर्ज थीं। जांच के दौरान पुलिस को उसके 11 बैंक खातों की जानकारी मिली। इन खातों में करीब 170 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है। पुलिस अब इन खातों में हुई रकम की आवाजाही और उसके स्रोत की जांच कर रही है।
दो खातों में 16 करोड़ का ट्रांजैक्शन
दूसरे आरोपी सलमान के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 32 शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस की जांच में उसके दो बड़े बैंक खातों का पता चला, जिनमें करीब 16 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस इन खातों से जुड़े लोगों और लेनदेन की कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है।
जाजमऊ के फॉर्म हाउस से मिले 65 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर जाजमऊ स्थित एक फॉर्म हाउस में छापा मारा गया। तलाशी के दौरान वहां से 65 लाख रुपये बरामद किए गए। पुलिस का दावा है कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग और हवाला के जरिए चलाए जा रहे साइबर फ्रॉड से जुड़ी है। बरामद रकम के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।