कानपुर देहात। वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समूह की महिलाओं की 49 महिलाओं को चयन एफएलसीआरपी पद पर किया गया है। इन्हें आरसेटी पर छह दिन तक प्रशिक्षित करने के बाद निशुल्क टूल किट वितरित की गई है। अब यह महिलाएं अपने-अपने सीएलएफ में जाकर महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और वित्तीय सावधानी के बारे में जागरूक करेंगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से समूह की महिलाओं को उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। अभी तक जनपद में नौ हजार समूहों से जुड़ी करीब 90 हजार से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से कई स्वयं का रोजगार कर आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रही हैं, लेकिन कई को वित्तीय जानकारी न होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में एनआरएलएम ने बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान (आरसेटी) के सहयोग से इन्हें वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए एफएलसीआरपी (वित्तीय साक्षरता कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) को प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया है। इसके लिए समूह के बीच से 49 महिलाओं को प्रशिक्षित कर सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) स्तर पर जिम्मेदारी सौंपी है। यहां से यह गांव में जाकर महिलाओं को वित्तीय जानकारी व खर्च के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे में बताएंगी।
आरसेटी निदेशक मयंक कटियार ने बताया कि एफएलसीआरपी को समूह की महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर सिखाया गया है। इन्हें महीने में नौ दिन कार्य करना होगा। इसमें मानदेय के रूप में प्रतिदिन का 435 रुपये व 100 रुपये प्रतिदिन क्षेत्र में भ्रमण करने के लिए मिलेगा। साथ ही प्रति माह 500 रुपये मोबाइल खर्च दिया जाएगा।
प्रशिक्षक निखिल मिश्रा ने बताया कि योजना का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कई बार महिलाएं जानकारी न होने की स्थिति में कारोबार में होने वाली बचत को सही तरीके से खर्च नहीं कर पाती हैं। ऐसे में इन्हें कारोबार में घाटे का सामना करना पड़ता है। अब एफएलसीआरपी के माध्यम से इन्हें वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराई जाएगाी। प्रशिक्षण के दौरान जिला उद्योग केंद्र से अजय यादव, सौरभ सिंह व डीएमएम बृजेश कुमार ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षित कर तैयार किया है।
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समूह की महिलाओं को वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए 49 एफएलसीआरपी को तैनात किया गया है। यह गांव में भ्रमण कर सभी से संपर्क करेंगी और उन्हें वित्तीय खर्च के दौरान बरती जाने वाली सावधानी सहित अन्य विषयों की जानकारी उपलब्ध कराने के कार्य करेंगी। इसके लिए इन्हें मानदेय मिलेगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायु्क्त, एनआरएलएम