सिकंदरा। तहसील प्रशासन शुक्रवार को पुलिस बल व बुलडोजर लेकर पिंडार्थु पहुंचा। यहां अधिकारियों ने खेल के मैदान पर अवैध रूप से बने चार घरों में रह रहे लोगों व उनके सामान को बाहर निकलवाया। इसके बाद बुल्डोजर से चारों घरों को ढहा दिया। इस दौरान कब्जाधारक कड़ाके की सर्दी में बेघर किए जाने को लेकर बिलखते दिखे।
तहसील प्रशासन के मुताबिक पिंडार्थु के गाटा संख्या 472 में खेल का मैदान है। इस पर चार परिवार के लोग मकान बनाकर रह रहे थे। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद दो माह पहले एडीएम ने मौके पर आकर कब्जेदारों को तय समय के अंदर कब्जा हटाकर निर्माण ढहाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कब्जेदारों ने खेल के मैदान को खाली नहीं किया। शुक्रवार को एसडीएम सिकंदरा प्रद्युम्न कुमार, तहसीलदार राकेश चंद्रा, सीओ प्रिया सिंह, थानाध्यक्ष दिनेश गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों के कड़ा रुख अपनाते हुए यहां रह रहे मुनव्वर अली के बेटे जमील, शकील, वकील, मुबारक अली के बेटे रईश बाबू, नाजिर अली के बेटे राशिद, जाकिर, रहमत अली व जफर अली के बेटे रईश को गृहस्थी का सामान बाहर निकालने के निर्देश दिए। इस पर घरों से बाहर निकले परिजन बिलखते हुए राहत दिए जाने की गुहार लगाने लगे। इधर सख्त रुख देख कुछ देर बाद सभी अपने घरों से गृहस्थी का सामान बाहर निकालना शुरू किया। मौके पर मौजूद मुरादन बेगम ने बताया कि उन्होंने गांव के बाबूजी से 600 रुपये में जमीन खरीदी थी। करीब 50 साल से उनका परिवार इसी जमीन पर रह रहा था। एक नोटिस के बाद उनका आशियाना उजाड़ दिया गया। अब उनके पास सिर ढंकने के लिए छत भी नहीं बची है।
वहीं राशिद अली ने बताया कि उनके पास जमीन के पट्टे का आदेश है मगर उसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान की मुहर नहीं लगी है। पास ही गाटा संख्या 471 में स्थित सरकारी जमीन पर भी लोग अवैध रूप से कब्जा किए हैं।
प्रशासन ने पक्षपात करते हुए सिर्फ उनके आशियाने ढहा कर एकतरफा कार्रवाई की है। एसडीएम प्रद्युम्न कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो माह पहले कब्जेदारों को जमीन खाली करने का नोटिस दिया गया था। कब्जेदारों के पास जमीन न होने पर उन्हें पट्टा देने के साथ चिह्नाकन भी करवा दिया गया था मगर कब्जेदारों की ओर से कब्जा नहीं हटाया गया। शुक्रवार को प्रशासन ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कब्जा हटवाया है।