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हर किसान एक गोवंश गोद लेकर करेगा देखभाल

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घाटमपुर (कानपुर)। अन्ना घूम रहे गोवंश पशु की समस्या से निजात पाने के लिए तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी (तिरहर) इलाके के गांव पंचायत मकरंदपुर (कोटरा) से शुरू की गई मुहिम अन्य गांवों में भी फैलाने की योजना है। इसके लिए गांव के हर किसान और पशुपालक को एक-एक गोवंश गोद लेने और उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इधर, मकरंदपुर गांव पंचायत में मंगलवार को घेरकर बाड़े में बंद किए गए 300 गोवंश में अब तक 78 गाय और बछड़े लोग पहचान कर अपने-अपने घरों में ले गए हैं।
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गोवंश से फसलों को बचाने और उनको पालने की मुहिम के अगुवाई कर रहे ब्लाक प्रमुख देविका सिंह के पति इंद्रजीत सिंह कुशवाहा, रमेश सिंह, छोटकन बक्स और बाबूलाल निषाद आदि ने बताया कि जिन लोगों ने अपने गोवंश खुले छोड़ रखे थे। उनकी पहचान कराने के बाद संबंधित को बुलवाकर सौंपे जा रहे हैं। तमाम लोग खुद ही अपने मवेशियों को घर ले गए हैं। वहीं, संपन्न किसानों और पशुपालकों को एक-एक गोवंश गोद लेकर पालने को भी प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए लोग खुशी से तैयार भी हो रहे हैं। बाड़े में जो वृद्ध और असहाय गोवंश शेष बचे हैं उनके चारा-पानी की व्यवस्था गांव के लोग अपने स्तर से कर रहे हैं। इसके लिए पुआल, ज्वार-बाजरा के डंठल और चारे की व्यवस्था भी जुटा रहे हैं। मवेशियों को पीने के पानी की व्यवस्था सबमर्सिबल पंप के जरिये की गई है। गांव के लोगों ने बताया कि वह लोग अपनी मुहिम को आसपास के गांवों में भी फैलाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
ब्लाक प्रमुख पति इंद्रजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि बाड़े में बचे गोवंश की देखरेख के लिए तीन कर्मचारियों को दिहाड़ी पर रखा गया है। जबकि, गोबर से जैविक खाद बनाने की भी योजना है। ग्रामीणों ने बताया कि गोचर भूमि से अवैध कब्जे हटवाने और वहां पर अन्ना मवेशियों के लिए रहने की व्यवस्था करने पर भी विचार-विमर्श किया गया है। बताया कि इस मुहिम में व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि, सभी लोग शामिल हैं।
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