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Kanpur News: कानपुर रीजन में 41 हजार करोड़ रुपये जमा हुआ आयकर

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कानपुर। सरकार की ओर से आयकर विभाग के कामकाज में किए जा रहे सरलीकरण और पारदर्शिता का असर सामने आ रहा है। कानपुर रीजन में लगातार आयकर संग्रह बढ़ता जा रहा है। लक्ष्य से ज्यादा का आयकर जमा हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कानपुर रीजन में 41 हजार करोड़ का आयकर जमा हुआ है। लक्ष्य 40 हजार करोड़ निर्धारित किया गया था। वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए 44 हजार करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 30 जून तक नौ हजार करोड़ का आयकर जमा हो चुका है। टीडीएस संग्रह में भी रिकार्ड बना है। 20 हजार करोड़ के करीब संग्रह हुआ है।
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सरकार लगातार आयकर जमा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। इसके साथ नई आयकर व्यवस्था को अपनाने पर जोर दे रही है। सात लाख तक कोई कर नहीं लगने के प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा पुरानी कर व्यवस्था को वैकल्पिक कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आयकर की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख किया जा चुका है। कर चाेरी रोकने के प्रावधान किए गए हैं। अब किसी भी व्यक्ति की कमाई और खर्च पर सरकार की सीधी नजर है। इसका असर बढ़ते संग्रह के रूप में दिख रहा है। कानपुर रीजन ने देश के कुल 18 रीजनों में टॉप किया है। आयकर विभाग के कानपुर रीजन में उत्तर प्रदेश के 48 जिले और उत्तराखंड के 10 जिले भी शामिल हैं।

नई आयकर स्लैब की व्यवस्था लाई जा चुकी है। सात लाख की कमाई पर कोई कर नहीं लग रहा। 2025-26 के लिए 12 लाख की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। पुराने कर स्लैब को वैकल्पिक किया गया है।
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फार्म 26 एस और एनुअल इनफार्मेशन सिस्टम की व्यवस्था से विभाग को हर निवेश, उच्च लेनदेन की जानकारी देना जरूरी है। आयकर विभाग 18 अलग-अलग श्रोतों के जरिए लोगों की हर खरीद पर नजर रख रहा है। स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांसजक्शन (एसएफटी) नई-नई जानकारी जुटा रहा है।



आयकर के रिटर्न ऑनलाइन हो चुके हैं। आयकर रिटर्नों का लगातार सरलीकरण किया जा रहा है। देश में 2014-15 से 2023-24 तक करदाताओं की संख्या में 82 प्रतिशत और प्रत्यक्ष कर संग्रह में 182 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ई-फाइलिंग पोर्टल, मोबाइल एप, कम विवाद और मुकदमेबाजी, शैक्षणिक पहल और जागरूकता, डिजिटल और त्वरित रिफंड प्रक्रिया, कुछ मामलों में उसी दिन रिफंड दिया जा रहा है। नई कर व्यवस्था ने सरल कर दरों का विकल्प दिया है।



आयकर विभाग की हालिया पहल करदाताओं का भरोसा जीतने में बेहद कारगर रही हैं। डिजिटल सुविधाएं जैसे पहले से भरे आईटीआर फॉर्म, एआईएस और ई-फाइलिंग पोर्टल ने कर प्रक्रिया को सरल और सहज बना दिया है। ये कर संग्रह बढ़ने का बड़ा कारण है। हेल्पडेस्क, मोबाइल एप और ई-निवारण से करदाताओं की समस्याओं का जल्दी समाधान हो रहा है। आयकर विभाग अब केवल कर संग्रह एजेंसी नहीं बल्कि करदाताओं का सहयोगी बन चुका है। सीए प्रशांत रस्तोगी, संयोजक, कानपुर सीएएस सीपीई स्टडी सर्किल

डिजिटलीकरण से रिटर्न दाखिल करना अब बेहद आसान हो गया है। आय छिपाने के रास्ते सरकार लगातार बंद कर रही है। आयकर की दर में भी सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए पहले ही बड़ी घोषणा कर दी है। 12 लाख तक की आय कर मुक्त होगी। लोग भी जागरूक हो रहे हैं और आयकर जमा कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था बेहतर हो रही है जिसका असर कर संग्रह के तौर पर दिख रहा है। वैभव अग्निहोत्री, पूर्व अध्यक्ष, भारतीय कंपनी सचिव संस्थान, कानपुर चैप्टर।
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कानपुर रीजन में जमा हुआ आयकर



वर्ष लक्ष्य आयकर जमा हुआ



2020-21 17370 17406 करोड़



2021-22 26200 30271 करोड़



2022-23 36000 36500 करोड़



2023-24 40000 41000 करोड



2024-25 44000 9000 करोड (30 जून 2025 तक)
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