यूपी के जालौन-उरई जिले में शहर के बोहदपुरा के पास स्थित गोशाला के पीछे जंगलों में 40 मवेशियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। जब प्रशासनिक व अफसरों की टीम गोशाला में पहुंची तो पता चला कि यहां पर बीमार और घायल गायों का रखा जाता है। गोशाला संचालक ने अफसरों को बताया कि ये सभी बीमार व घायल गायें थीं और इनकी मौत एक माह के अंदर में हुई है।
गायों की मौत के गोशाला में काम करने वाले सभी लोग गमजदा हैं। एसडीएम विकास कश्यप और अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी दोनों का ही कहना है कि गोशाला में बीमार और घायल मवेशियों को रखा जाता था। भूख से मौत की बात गलत है। फिलहाल गोशाला संचालक को खुले में शव न फेंकने की चेतावनी दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा के पास जगत जननी गोशाला है। इस गोशाला को महाराष्ट्र के रहने वाले गोदास महाराज पिछले एक वर्ष से प्रशासन व आम लोगों के सहयोग से संचालित कर रहे है। शुक्रवार को बोहदपुरा के ग्रामीणों को जंगल में मवेशियों के दर्जनों शव दिखे। जिसकी सूचना आसपास के गांवों में पहुंची तो देखते ही देखते जंगल में लोगों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना फोन से जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर को दी।