अकबरपुर रनियां के बीच हाईवे किनारे एक होटल के बाहर खड़ी कारें। संवादअकबरपुर रनियां के बीच हाईवे
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कानपुर देहात। अकबरपुर तहसील क्षेत्र में बिना अग्निशमन सुरक्षा 32 होटल-ढाबा संचालित हैं। मगर किसी के पास फायर एनओसी नहीं है। दस होटलों को तीसरी बार नोटिस थमाई गई है। जरूरी इंतजाम बिना चल रहे होटल-ढाबा में आग लगने पर जान-माल का खतरा बना है।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र में काफी समय से संचालित दस होटल हैं। इसके अलावा कुछ नये होटल भी खुल गए हैं। इधर कानपुर झांसी व कानपुर इटावा हाईवे किनारे ढाबा भी खुले हैं। होटल में लोगों के ठहरने का भी इंतजाम है। हालांकि होटल-ढाबा में आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं। बिना अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम के ये होटल-ढाबा संचालित हैं।
ऐसे में आग लगने की घटना होने पर तत्काल बचाव कार्य नहीं हो पाएंगे। इससे अधिक नुकसान का खतरा है। होटल संचालक अग्नि सुरक्षा इंतजामों को लेकर लापरवाह हैं। हालात ये हैं कि दस होटल संचालकों को तो तीसरी बार नोटिस थमाई गई है। इन होटल व ढाबा में आंशिक अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम हैंं, लेकिन यह नाकाफी है। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटना पर जनहानि का खतरा बना है। अब विभाग बिना एनओसी व मानकों को पूरा किए बगैर संचालित हो रहे होटल पर कार्रवाई की तैयारी की है।
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होटल-ढाबा संचालकों को अग्निसुरक्षा इंतजाम करने और फायर एनओसी लेने को कहा गया है। फायर एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया है। जरूरी इंतजाम के बारे में समय समय पर होटल ढाबा संचालकों को अवगत कराया जाता है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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गेस्ट हाउसों में नहीं है आग से बचाव के इंतजाम
जिले में करीब 100 से अधिक गेस्ट हाउस हैं। अधिकांश गेस्ट हाउस ग्रामीण क्षेत्र में हैं। नक्शा स्वीकृत प्राधिकरण जिला पंचायत है। बिना फायर एनओसी के गेस्ट हाउस का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता है। सराय एक्ट में गेस्ट हाउस का पंजीयन होना चाहिए। अब इसके लिए तहसील स्तर से प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन पंजीयन की शुरुआत नहीं हो सकी है। इधर बिना आग से बचाव के इंतजाम के गेस्टहाउस चल रहे हैं। यहां विवाह या अन्य कार्यक्रमों पर भीड़-भाड़ रहती है। इसलिए अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम जरूरी हैं।