बिल्हौर(कानपुर)। कोतवाली क्षेत्र के सैबसू गांव में सात दिसंबर से लापता एक अधेड़ का शव गांव से करीब दो किमी. दूर जंगल में तालाब की झाड़ियों में क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला। मौके पर सबसे पहले पहुंचे चरवाहे ने इसकी सूचना परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे एसपी ग्रामीण और फोरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच की। इस दौरान मौके से गड़ासा बरामद किया। मौके से परिजनों ने गांव के कुछ लोगों के विरुद्ध कोतवाली पुलिस में तहरीर दी। अधेड़ के गर्दन में दाहिने ओर चेहरे और हाथ-पैर में भी कई वार के निशान मिले हैं। इसके बाद शव को रस्सी में बांधकर तालाबों की झाड़ियों में फेंक दिया गया। छोटे भाई अवधेश ने गांव के कुछ लोगों पर हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने गांव से कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
सैबसू गांव निवासी दुर्गेश मिश्रा उर्फ नन्हें पुत्र श्याम चंद्र अविवाहित था और गांव में ही छोटे भाई अवधेश के साथ रहकर पैतृक खेती बाड़ी का काम करता था। इंसपेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि नशे का आदी दुर्गेश सात दिसंबर से घर नहीं आया, तब से परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे, सूचना पर कोतवाली पुलिस भी जांच-पड़ताल के लिए गई, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग सका।
सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे पशुओं को चराने के लिए जंगलों की ओर गए ग्रामीणों को तालाब के किनारे झाड़ियों में एक खून से लथपथ शव रस्सी में बंधा पड़ा दिखा। यह देख गांव के चरवाहे जानवर छोड़कर दौड़ते हांफते गांव पहुंचे और पूरी जानकारी परिजनों को दी। मृतक के छोटे भाई अवधेश ने गांव के ही विकास पुत्र रामबाबू, नन्हऊ पुत्र सुंदर पर आशंका जताते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने गांव से कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रदुम्न सिंह ने बताया कि सैबसू में अधेड़ दुर्गेश की हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस हत्यारोपियों के काफी करीब है। कोतवाली बिल्हौर में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आलाकत्ल भी बरामद किया है।