हवाई पट्टी किनारे पर उगी झाड़ियां पट्टी तक पहुंची। संवाद
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शिवली। मैथा तहसील में 312 करोड़ रुपये लागत से बनी हवाई पट्टी देखरेख के अभाव में चार वर्ष से बदहाल है। वहां हवाई जहाज की जगह मवेशी नजर आते हैं। हवाई पट्टी को जोड़ने वाली सड़क भी खराब हो गई है।
बबूल की झाड़ियां हवाई पट्टी तक पहुंच गई हैं। बाउंड्रीवॉल कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। कानपुर की विमानन कंपनी ने हवाई पट्टी को प्रशिक्षण में उपयोग के लिए लेने की रुचि दिखाई थी लेकिन ये प्रस्ताव भी सफल नहीं हो सका।
वर्ष 2014 में सपा सरकार के समय जिले में हवाई पट्टी बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। 2015 में करीब तीन अरब 12 करोड़ रुपये की लागत से मैथा के भेवान, काशीपुर, मरहताबाद व बारनपुर कहिंजरी को मिलाकर हवाई पट्टी बननी शुरू हुई थी।
तीन किलोमीटर लंबी व साढ़े तीन सौ मीटर चौड़ी हवाई पट्टी का काम वर्ष 2017 में पूरा हो गया था। भाजपा सरकार के समय वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय लखनऊ में डिप्टी डायरेक्टर नुजहत अली के निर्देशन में एक टीम ने हवाई पट्टी का स्थलीय निरीक्षण किया था। साथ ही टेस्टिंग कराई थी। इसके बाद से लोगों को इस पट्टी के शीघ्र चालू हो जाने की उम्मीद जगी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।