नगर निगम स्तर से हो रही है प्रक्रिया
जवाब आते ही तीनों संपत्तियों के कस्टोडियन बनाए गए तहसीलदार सदर के खाते में किराए का पैसा जाना शुरू हो जाएगा। फिलहाल जिलाधिकारी विशाख जी के पत्र के बाद नगर निगम ने दस्तावेज में अब तीनों संपत्तियां कस्टोडियन शत्रु संपत्ति अभिरक्षक के नाम पर दर्ज कर ली है। अब हाउस व वॉटर टैक्स कस्टोडियन के नाम पर ही बनेगा। इसकी प्रक्रिया नगर निगम स्तर से हो रही है।