यह है वंदे भारत एक्सप्रेस में सीटों का हाल
रिकॉर्ड के मुताबिक 15 फरवरी 2019 में शुरू हुई पहली वंदे भारत एक्सप्रेस में चलने के एक सप्ताह तक रोजाना इस ट्रेन में 100 से 150 सीटें खाली रहती थीं। अगले दिन या तीसरे दिन रिजर्वेशन कराना हो तो भी इस ट्रेन में छह महीने तक सीटें आसानी से मिल जाती थीं। हालांकि अब दिल्ली से आने वाली पुरानी वंदे भारत एक्सप्रेस 22436 में अगले एक सप्ताह तक 27 दिसंबर तक 132 तक लंबी वेटिंग है। दिल्ली जाने वाली 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस में 74 तक लंबी वेटिंग है।
नई नवेली वंदे भारत में 24 तक सीटें नहीं
नई नवेली वंदे भारत एक्सप्रेस अपने शेड्यूल की वजह से यात्रियों की पहली पसंद बन गई है। सिर्फ दो दिनों के संचालन में ही वेटिंग शुरू होने से रेलवे भी उत्साहित है। दरअसल, यह ट्रेन रात में बनारस और दोपहर में दिल्ली पहुंचा रही है। खासकर काम निपटाने के बाद काशी जाने वालों की मांग अधिक है। काशी जाने वाली नई वंदे भारत एक्सप्रेस 22416 में 24 दिसंबर तक सीटें नहीं हैं। वहीं, दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में अगले एक सप्ताह 24, 27 और 28 दिसंबर को ही सीटें मिल सकती हैं।
अन्य प्रीमियम ट्रेनों में वंदे भारत ने मारी बाजी
कानपुर से होकर चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों में वंदे भारत एक्सप्रेस ने बाजी मारी है। वंदे भारत एक्सप्रेस को दिल्ली जाने और आने में अगर कोई ट्रेन टक्कर दे रही है, तो वह लखनऊ से चलने वाली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस है। इस ट्रेन में अभी अगले एक सप्ताह तक सीटें नहीं मिलेंगी। हालांकि इस ट्रेन की बुकिंग की सबसे बड़ी वजह है कि लखनऊ से दिल्ली तक कोई वंदे भारत नहीं है। यह ट्रेन लखनऊ के यात्रियों की सालों से पहली पसंद बनी है। वंदे भारत तेजस, रिवर्स शताब्दी से आगे है।
हर प्रीमियम ट्रेन का एक क्लास है, जो उसमें सफर करता है। यात्रियों के मनमाफिक शेड्यूल इसमें बड़ी वजह होता है। वंदे भारत एक्सप्रेस देश की सबसे आधुनिक ट्रेन होने की वजह से इसमें सफर करने की लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। -हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर