औरैया में भीषण सड़क हादसा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर-इटावा हाईवे पर गांव चिरुहली के पास 16 मई को डीसीएम-ट्राला भिड़ंत में 29 मजदूरों की मौत के मामले में सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने ट्राला चालक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस हादसे में पुलिस ने अलवर राजस्थान निवासी ट्राला चालक पर गैर इरादतन हत्या सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
ट्राला चालक अख्तर खान पुत्र नारंगी खान निवासी पिपरौली थाना रामगढ़ जिला अलवर राजस्थान को पुलिस ने 26 मई को गिरफ्तार कर इटावा जिला जेल में निरुद्ध किया था। ट्राला चालक अख्तर खान की जमानत याचिका शुक्रवार को जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना की कोर्ट में प्रस्तुत हुई।
डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए लॉकडाउन का उल्लंघन कर माल वाहनों में किराया लेकर सवारियां बैठाने तथा खड़े डीसीएम में टक्कर मारकर 29 सवारियों की मौत का कारण बने चालक का कृत्य बहुत गंभीर बताया।
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस पर जान बूझकर संगीन धाराएं लगाने की बात कही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिलाजज डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने ट्राला चालक अख्तर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि अब ट्राला चालक को सलाखों से बाहर आने के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पडे़गी।