शहर की 29 रसोई गैस एजेंसियां मानक और नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। ये एजेंसियां न तो समय पर गैस की आपूर्ति करती हैं और न ही इनका उपभोक्ताओं से व्यवहार अच्छा है। इनका रिकार्ड भी दुरुस्त नहीं रहता है। पेट्रोलियम संयुक्त सचिव के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पहली बार रसोई गैस एजेंसियों की रेटिंग की है। इस रेटिंग में 63 एजेंसियों में से 29 को वन स्टार (बेहद खराब) मिला है। ये सभी एजेंसियां अपने 85 फीसदी उपभोक्ताओं को बुकिंग के आठ दिन बाद रसोई गैस आपूर्ति कर पाती हैं। गंभीर बात यह है कि इन एजेंसियों में एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष भारतीष मिश्र और महामंत्री अमित पांडेय की एजेंसियां भी शामिल हैं। जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने इन सभी एजेंसियों को नोटिस जारी कर सुधार न करने पर लाइसेंस बर्खास्त करने की चेतावनी दी है। दूसरी बार कराई जाने वाली रेटिंग में भी इन एजेंसियों को वन स्टार मिला तो टर्मिनेशन की संस्तुति कर दी जाएगी। इसके अलावा शहर की 11 एजेंसियों को फाइव स्टार (सबसे अच्छी) रेटिंग मिली है। इन रसोई गैस एजेंसियों ने अपने 85 फीसदी उपभोक्ताओं को बुकिंग के दो दिन के अंदर रसोई गैस मुहैया करा दी।
जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि पेट्रोलियम संयुक्त सचिव ने रसोई गैस एजेंसियों की रेटिंग करने को कहा था। इस तरह की रेटिंग पहली बार हुई है। यह रेटिंग एजेंसियों की फरवरी, मार्च और अप्रैल तीन माह के काम के आधार पर की गई। इसमें 29 एजेंसियों को वन स्टार मिला है। अब अगली रेटिंग मई, जून और जुलाई तीन माह के काम के आधार पर की जाएगी। दूसरी बार वन स्टार के दायरे में आने वाली एजेंसियों के टरमिनेशन की संस्तुति ऑयल कंपनियों से कर दी जाएगी।