कानपुर। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फिर से एलान किया है। यह एक अगस्त से प्रभावी होगा। इसका तत्काल असर एक या दो दिन में दिखेगा। करीब 100 करोड़ के ऑर्डर होल्ड पर रखे जा सकते हैं। ट्रंप की नई घोषणा से शहर के निर्यातक चिंतित हैं।
निर्यातकों का कहना है कि कानपुर के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। कानपुर से चमड़ा और चमड़ा के उत्पादों का सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका को होता है। वहां सालाना 1800-2000 करोड़ का निर्यात किया जाता है। पिछले साल करीब 17 प्रतिशत निर्यात अमेरिका को किया गया था। यही स्थिति रही तो नए बाजार तलाशे जाएंगे। इस पर पहले से ही कार्य किया जा रहा है। पूर्व में भी ट्रंप ने 26 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की थी जो 90 दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। हालांकि अब अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता होने की उम्मीद धुंधली हो गई है।
दरअसल सबसे पहले तीन अप्रैल को ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाने का एलान किया था। इसके कुछ घंटों बाद ही अमेरिकी खरीदारों ने शहर के निर्यातकों के साथ मोल-भाव शुरू कर दिया था। दाम घटाने या टैरिफ का 13-13 प्रतिशत भुगतान करने के लिए कहने लगे थे। कई अमेरिकी खरीदारों ने कंसाइनमेंट होल्ड कर दिए थे। जानकारों ने बताया कि ट्रंप की नई घोषणा से वहां उत्पाद जाना महंगा हो जाएगा। भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। वियतनाम पर 20 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 19, यूरोपीय यूनियन और जापान पर 15-15 और यूके पर 10 प्रतिशत टैरिफ पूर्व में घोषित किया जा चुका है। ऐसे में इन देशों के मुकाबले कानपुर समेत देश भर में बने उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इससे निर्यात मांग घट जाएगी और कम टैरिफ वाले देशों से अमेरिकी के साथ कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की संभावना होगी। पूर्व में अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने के प्रयास में भारत ने अमेरिकी आयातों पर टैरिफ कटौती की पेशकश की थी।
कानपुर। टैरिफ चुनौतियों से निपटने के लिए नए बाजार तलाशने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें वेस्ट एशिया-नार्थ अफ्रीका (वाना) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पश्चिम एशिया में सऊदी अरब, ईरान, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, यमन, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश शामिल हैं। उत्तरी अफ्रीका में मिस्र, लीबिया, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, मोरक्को और सूडान जैसे देश शामिल हैं।
अमेरिका की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा से शहर के निर्यातक चिंतित हैं। करोड़ों के ऑर्डर होल्ड होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। नई व्यवस्था का प्रभाव एक या दो दिन में दिख सकता है। अमेरिका कानपुर के लिए सबसे बड़ा बाजार है।
आलोक श्रीवास्तव, संयोजक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन।
ट्रंप की 26 प्रतिशत टैरिफ घोषणा से अन्य देशों के मुकाबले उत्पादों में भावों में अंतर आ जाएगा। जितना ज्यादा टैरिफ उतना महंगा उत्पाद होगा। इससे वहां पर निर्यात घटने की संभावना से इन्कार नहीं कर सकते। यूरोपीय यूनियन और वाना रीजन में दखल बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
यादवेंद्र सचान, सदस्य, चर्म निर्यात परिषद और निर्यातक।