प्रशासन के आंकड़ों में इस गोशाला में अब तक 200 गोवंशों की मौत हो चुकी है। जबकि, नगला हरी के अमित और अनुज का कहना है कि गोशाला में अब तक 600 से अधिक गोवंशों की जान जा चुकी है। सभी गोवंशों के शवों को बिना पोस्टमार्टम कराए जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दबवा दिया गया है।
भाजपा नेता मनीष यादव पतरे गोशाला संचालन समिति के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि दो महीने से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने भूसे का भुगतान नहीं किया है। जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है वे कभी गोशाला नहीं आते हैं। तीन-तीन लाख की लागत से 11 टिनशेड लगे हैं। इसमें केवल पांच लाख का ही भुगतान हुआ है।
पैसा कहां जा रहा है, अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैं। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने कहा परौली रमायन गोशाला में गोवंशों के मरने की जानकारी मुझे नहीं मिली है। जानकारी करवाकर दिखवाएंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डीएस राजपूत बोले तीन चार दिन पहले अलग-अलग तारीखों में चार गोवंशों की मौत हुई थी। उन्हें दफन कर दिया गया था। कल और आज गोवंशों के मरने की कोई सूचना नहीं मिली। भूसा का भुगतान बसरेहर बीडीओ को किया जा चुका है।