कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम ने करवट ली है। जिले में मंगलवार शाम से बुधवार शाम तक 2.3 मिमी बारिश हुई। इससे रबी सीजन की फसलों को संजीवनी मिल गई है। गेहूं की फसल में एक सिंचाई बच गई। इसका फायदा किसानों को हुआ है। जानकारों को कहना है कि कई दिन मौसम खराब बना रहा तो अगेती लाही की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों ने दो दिन मौसम खराब रहने की संभावना जताई थी। इसका असर भी दिख रहा है। मंगलवार शाम से ही मौसम बिगड़ गया और हवा के साथ हल्की बारिश हुई। रात में रुक-रुककर बारिश होती रही। मैथा तहसील में सबसे अधिक 5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। वहीं अकबरपुर, भोगनीपुर, रसूलाबाद व सिकंदरा तहसील में 2-2 मिमी बारिश हुई। डेरापुर में सबसे कम केवल 1 मिमी बारिश हुई है।
जिले में हल्की बारिश होने से फिलहाल फसलों को कोई नुकसान नहीं है। किसानों का कहना है कि यदि अधिक बारिश हुई और मौसम कई दिन खराब रहा तो लाही, आलू और चना की फसल में नुकसान हो सकता है। अभी बारिश से फसलों को फायदा है। गेहूं की फसल को तो संजीवनी मिली है। गेहूं की फसल की सिंचाई बचने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। गजनेर के धनंजय व सैंथा के गौरी साहू ने बताया कि हल्की बारिश हुई है। गेहूं के पौधे जल्द लंबे होंगे। इसके करीब दस दिन तक गेहूं की फसल में सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। अब अगर तेज बारिश हुई तो सरसों, चना व आलू की फसल को नुकसान होगा।
रसूलाबाद के लालू गांव निवासी शरद द्विवेदी, के सत्यपाल, आदि ने बताया कि हल्की बारिश से फसलों को फायदा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि जिले में हल्की बारिश हुई है। इससे सभी फसलों को फायदा हुआ है। हल्की बारिश से सरसों की फसल में भी रोग नहीं लगेगा। उन्होंने फसलों में फिलहाल कीटनाशक दवा आदि के छिड़काव को स्थगित करने की सलाह दी।
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दो फरवरी तक मौसम में नहीं होगा सुधार
अगले पांच दिनों में मौसम में सुधार की संभावना कम है। बादल छाए रहेंगे। आगामी 1 व 2 फरवरी के बीच तेज हवाएं चलने और गरज चमक के साथ स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश की संभावना है। ओलावृष्टि की चेतावनी भी है। - अजय मिश्रा, कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी सीएसए
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फोटो-32 रसूलाबाद में हुई बारिश से खराब हुईं भट्ठे पर पाथकर लगाई गई कच्ची ईंटे। संवाद
ईंट भट्ठा पर तैयार कच्ची ईंटें हुईं खराब
रसूलाबाद। बेमौसम बारिश होने से ईंट भट्ठा पर तैयार कर रखी गई कच्ची ईंटे खराब हो गई। बारिश से ईंटे घुल गई तो इससे काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के तिश्ती, कनपटियापुर, मल्हपुर, सुनासी में ईंट-भट्ठे हैं। कच्ची ईंटे खराब होने से लाखों का नुकसान हुआ है। सुनासी स्थित दुर्गा बिक्र फील्ड भट्ठा के संचालक अंकुश बरेजा ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से तैयार कच्ची ईंटे बर्बाद हो गईं। पथाई वाली जगह पर पानी भरने से कच्ची ईटें घुल गईं। (संवाद)
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फोटो-28 अकबरपुर मंडी समिति परिसर में तिरपाल से ढकी धान भरी बोरियां । संवाद
रात में तिरपाल से ढंक कर भीगने से बचाई धान खेप
अकबरपुर उपमंडी स्थल पर क्रय केंद्र है। किसानों से खरीदा गया धान, बाजरा, मक्का व ज्वार खुले में रखा है। मंगलवार शाम को मौसम खराब हुआ तो क्रय केंद्र प्रभारी महेश वर्मा ने तिरपाल मंगवाई और खुले आसमान के नीचे रखे अनाज खेप को ढकवा दिया। क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लदी अनाज खेप ढंक ली। खुले में रखा खरीदा गया अनाज तिरपाल मंगवाकर ढका गया। इसकी वजह से अनाज भीगने से बच गया।