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बा स्कूल की 20 छात्राएं बीमार

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अमर उजाला ब्यूरो
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मौरावां (उन्नाव)। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हिलौली की बीस छात्राएं पेट दर्द, सिर दर्द व बुखार की चपेट में आ गईं। एक साथ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने पर वार्डेन व अन्य स्टाफ के हाथ पांव फूल गए। सूचना पर सीएचसी प्रभारी डाक्टरों की टीम के साथ स्कूल पहुंचे। डाक्टरों ने वायरल होने की पुष्टि की तब कहीं जाकर जिम्मेदारों ने राहत महसूस की। बीईओ ने खाद्य सामग्री व अन्य बिंदुओं पर जांच कर स्टाफ को क्लीन चिट दी।


शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कक्षा 8 की छात्रा मृदुला, मधू व कोमल ने सिर दर्द व पेट दर्द होने की शिकायत वार्डेन साधना सिंह से कही। कुछ देर एक-एक कर कक्षा-7 की वंशिका, शशी, श्रेजल, खुशबू, शालिनी, नेहा, दीपिका, पूजा व कक्षा 6 की काजल, ज्योती चांदनी, आसमां सोनम की तबियत भी बिगड़ गई। एक साथ कई छात्राओं की तबियत बिगड़ते देख स्टाफ के होश उड़ गए। वार्डेन ने बीईओ केडी यादव को जानकारी देने के साथ ही मौरावां सीएचसी प्रभारी डा. मुकेश रावत को सूचना दी। सीएचसी प्रभारी डाक्टरों के साथ स्कूल पहुंच और छात्राओं का इलाज शुरू किया। करीब एक घंटे के इलाज के बाद धीरे-धीरे बीमार छात्राओं की तबियत में सुधार होना शुरू हुआ।
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बीईओ केडी यादव एनपीआरसी व कुछ शिक्षकों के साथ स्कूल पहुंचे। छात्राओं का हाल जानने के बाद डाक्टरों से बातचीत की। इस दौरान सीएचसी प्रभारी ने वायरल बुखार से तबियत खराब होने के साथ ही सब सामान्य होने की पुष्टि की। तब कहीं जाकर स्टाफ ने राहत की सांस ली। इस दौरान बीईओ ने खाद्य समाग्री व मिड् डे मील को बारीकी से चेक किया। जहां अधिकारी ने सब ठीक मिलने की बात कही। वार्डेन साधना सिंह ने बताया कि कुछ छात्राओं को वायरल बुखार


दो-तीन दिनों से आ रहा था। जिसका उपचार चल रहा था। शुक्रवार को आठ छात्राओं ने अचानक पेट दर्द व सिर दर्द होने की शिकायत की। इस पर तत्काल सीएचसी प्रभारी के माध्यम से इलाज की व्यवस्था कराई गई।
छात्राओं के लिए गए खून के नमूने
संक्रामक रोगों के बढ़ते कहर के बीच छात्राओं के बीमार होने पर सीएचसी प्रभारी व स्टाफ ने गंभीरता से लिया। स्कूल के अन्य छात्राओं में दवाओं का वितरण कराने के अलावा बीमार छात्राओं के खून के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। डा. मुकेश रावत ने बताया कि ब्लड सैंपल की जांच कराकर डेंगू व स्वाइन फ्लू की पुष्टि कराई जाएगी। फिलहाल ऐसे लक्षण मिले नहीं है, लेकिन ऐहतियातन यह कदम उठाया गया है।
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वायरल बुखार की चपेट में आने से करीब दस छात्राओं की तबियत बिगड़ी है। सीएचसी प्रभारी डाक्टरों के साथ करीब तीन घंटे स्कूल में मौजूद रहकर छात्राओं की देखभाल की। सभी की हालत डाक्टरों ने खतरे से बाहर बताई है। छात्राओं के देखभाल में कोई चूक नहीं की जाएगी। वार्डेन समेत अन्य स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।-केडी यादव खंड शिक्षा अधिकारी हिलौली।


‘बा’ स्कूल की 20 छात्राएं बीमार
एक साथ कई छात्राएं वायरल बुखार की चपेट में आईं
सीएचसी प्रभारी टीम के साथ स्कूल पहुंच किया उपचार
बीईओ, एबीआरसी व एनपीआरसी शाम तक स्कूल में रहे
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