बीघापुर। विकासखंड सुमेरपुर के एक सेक्रेटरी के कारण वृद्धा को खुद को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सारे दरवाजे बंद हो जाने के बाद वृद्धा ने डीएम से गुहार लगाई। जिसके बाद डीएम ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए हैं।
सुमेरपुर की ग्रामसभा रवतपुर बिहार निवासी बिंदा प्रसाद साहू की 68 वर्षीया पत्नी सोमवती को ग्राम पंचायत सचिव बेचेलाल ने परिवार रजिस्टर में मृत दर्ज कर दिया। इसकी जानकारी तब हुई जब उसके पुत्र आलोक कुमार ने परिवार रजिस्टर की नकल निकलवाई। उसमें मां के नाम के आगे मृत लिखा देखा तो होश उड़ गए।
इसके बाद वृद्धा ने खुद को जिंदा साबित करने की कवायद शुरू की। वह आज तक जारी है। बेटे ने भी सचिव से लेकर अन्य ब्लाक अफसरों तक से गुहार लगाई, लेकिन इसके बाद भी परिवार रजिस्टर की नकल सही नहीं की गई। आलोक का आरोप है कि राजनैतिक विवाद के चलते सचिव ने परिवार रजिस्टर में सही नहीं किया।
उसकी मां को जानकर मृत दर्शाया है। इसके पीछे का मकसद उसे और उसकी मां को सरकारी योजनाओं से दूर रखना है। आखिर में पीड़िता ने डीएम की चौखट पर जाकर मामले की जांच कराने की गुहार लगाई। जिससे वह खुद को जिंदा साबित कर सके। प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को मामले की जांचकर दोषी पर कार्रवाई का आदेश दिया है।
-सुमेरपुर-रवतपुर गांव के पंचायत सचिव का कारनामा: जिंदा को मृत बताया
-डीएम से गुहार के बाद एसडीएम को दिए गए जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो